आगामी विधानसभा के मद्देनजर केंद्रीय सुरक्षा बल के साथ सड़कों पर उतरे पुलिस के आलाधिकारी
जमीनी हकीकत परखें और मतदाताओं के मन से डर निकालें
अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी: चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्य के पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) ने अचानक थानों का दौरा करना शुरू कर दिया है।आज सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त अपने सहयोगियों के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रीय बलों के साथ रूट मार्च करते दिखे।चुनाव आयोग ने दिया है सीधा संदेश: आयोग का सीधा संदेश है, मैदान में उतरें , जमीनी हकीकत परखें और मतदाताओं के मन से डर निकालें। 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले पुलिस की यह ‘स्पेशल ड्रिल’ बंगाल की सियासत में चर्चा का विषय बनी हुई है. इसे वोटिंग से पहले ‘खौफ का खेल’ खत्म करने की तैयारी माना जा रहा है.
थानों में क्लास, दागी इलाकों पर खास नजर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थाना प्रभारियों (OC) के साथ लंबी बैठकें कर रहे हैं। इन दौरों का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील इलाकों की पहचान करना और उन ‘असामाजिक तत्वों’ को चिह्नित करना है, जो वोटिंग के दिन गड़बड़ी फैला सकते हैं. पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिये गये हैं कि वे भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए कड़ा संदेश दें।स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान ही एकमात्र लक्ष्य
चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षकों को जमीनी स्तर पर जाकर स्थानीय इकाइयों का मार्गदर्शन करने को कहा गया है. आयोग का ध्यान विशेष रूप से उन इलाकों पर है, जहां पिछले चुनावों में हिंसा की खबरें आयीं थीं. मतदाताओं में विश्वास जगाने के लिए ‘रूट मार्च’ और ‘एरिया डॉमिनेशन’ की रणनीति पर भी चर्चा की गयी है.
हमारा लक्ष्य किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को रोकना और मतदाताओं को यह भरोसा दिलाना है कि वे बिना किसी डर के बूथ तक आ सकते हैं।CEO कार्यालय, पश्चिम बंगाल: चुनाव आयोग ने तैयार किया सुरक्षा का खाका
चुनाव आयोग (ECI) ने बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सुरक्षा खाका तैयार कर लिया है. राज्य के पिछले चुनावी इतिहास और मौजूदा कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद 55 विधानसभा क्षेत्रों को विशेष रूप से संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।अति-संवेदनशील जिलों और क्षेत्रों की सूची




