पेपर लीक से 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित : राहुल
-परीक्षा प्रणाली को फिर से बनाने की ज़रूरत
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि पेपर लीक की वजह से कई परिवारों को बहुत दुख पहुंचा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि छात्रों की सुरक्षा और माता.पिता को न्याय दिलाने के लिए परीक्षा प्रणाली को फिर से बनाने की ज़रूरत है। एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने रिया के पिता के साथ हुई अपनी बातचीत का ज़िक्र किया। रिया एक छात्रा थी जिसने कथित तौर पर नीट पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली थी। गांधी ने कहा कि यह घटना कई परिवारों के दुख को दिखाती है। गांधी ने लिखा रिया के पिता, राजेश जी, अपनी बेटी को खोने के बाद इतने टूट गए थे कि उन्हें देखने वाले हर व्यक्ति की आँखों में आँसू आ गए। यह सिर्फ़ एक परिवार का दुख नहीं है। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनके बच्चों को छीन लिया है।
उन्होंने कहा कि हर नाम के पीछे एक माँ और एक पिता हैं . जिनके लिए अब कोई कल नहीं है। इस सिस्टम को शुरू से बनाना होगा जहाँ बच्चों को तनाव नहीं, बल्कि सुरक्षा मिले। और माता.पिता को उनके त्याग का फल मिलना चाहिए . आँसू नहीं।” कांग्रेस नेता ने यह बात शुक्रवार को देहरादून में अपने ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम के दौरान रिया के पिता से बातचीत के बाद कही। बन्नू स्कूल ग्राउंड में हुई बातचीत के दौरान, रिया के पिता ने अपनी बेटी को खोने का दुख जताया और गांधी से संसद में यह मुद्दा उठाने का आग्रह किया ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी 3 मई को खुशी.खुशी घर लौटी थी। मैंने उससे परीक्षा के बारे में पूछा। वह बहुत खुश थी, लेकिन जब पेपर लीक होने की खबर आई, तो उसने मुझे अपने मोबाइल पर वह खबर दिखाई। मैंने उस रिपोर्ट को गलत बताया, लेकिन उसने ज़ोर देकर कहा कि पेपर सच में लीक हुआ था।
उन्होंने आगे कहा कि मेरी बेटी के साथ जो हुआ, मैं नहीं चाहता कि वह किसी और के साथ हो। कृपया संसद में यह मुद्दा उठाएँ ताकि किसी और को इसका सामना न करना पड़े। मैं अपनी बेटी के बिना जी नहीं सकता। गांधी ने परीक्षा में गड़बड़ियों और छात्रों की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं को उजागर करने के लिए 17 जून को राजस्थान के कोटा से देशव्यापी ‘छात्रों की गूँज’ अभियान शुरू किया था।



