सच बोलती रहूंगी. पीछे नहीं हटूँगी: प्रियंका लोकसभा में नहीं थीं असंसदीय टिप्पणियां
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 29 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के खिलाफ अपना रुख दोहराते हुए उन आरोपों को खारिज कर दिया कि लोकसभा में उनकी टिप्पणियां असंसदीय थीं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनके बयान पुष्ट तथ्यों पर आधारित थे और उन्होंने महिलाओं के प्रति एक खास तरह के रवैये ;सिस्टमिक एटीट्यूडद्ध की ओर इशारा किया। वाड्रा ने कहा कि संसदीय कार्रवाई या अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकियों से वह पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने पिछली घटनाओं का ज़िक्र कियाए जिसमें 2009 के मैंगलोर पब हमले से जुड़े एक व्यक्ति को बीजेपी में शामिल करना भी शामिल था उन्होंने इसके लिए प्रह्लाद जोशी को ज़िम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि इसमें असंसदीय क्या था? यह तो बस सच था। अगर वे सच बोलने के लिए मुझे सज़ा देना चाहते हैं, तो ठीक है, मैं सच ही बोलूँगी। आपने देखा है कि इसके वीडियो मौजूद हैं, और यह सिर्फ़ एक ही मामला नहीं है। मंगलुरु पब में महिलाओं पर हमले में शामिल व्यक्ति को बीजेपी में किसने शामिल किया था? प्रह्लाद जोशी ने। उसे पाँच घंटे बाद या जब भी हुआ हो, पार्टी से निकाल दिया गया था, लेकिन उसके शामिल होने की तस्वीर मौजूद है। यह सिर्फ़ एक घटना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के प्रति उनके रवैये को दिखाता है।
इससे पहले, वाड्रा ने बिलकिस बानो मामले के दोषियों के संदर्भ में नव नियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर निशाना साधते हुए टिप्पणी की, साथ ही परीक्षा में अनियमितताओं और जवाबदेही के मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना भी की। उनकी टिप्पणियों ने लोकसभा में तीखी बहस छेड़ दी, जिसमें मंत्री प्रल्हाद जोशी और किरेन रिजिजू ने उन पर व्यक्तिगत हमले करने और शिक्षा मंत्री के खिलाफ गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।
इसी से संबंधित एक घटनाक्रम में, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों इस मामले पर संसदीय जवाबदेही से बच रहे हैं।



