भारतीय लोकतांत्रिक परंपराओं का संदेश वैश्विक समुदाय तक पहुंचा
डॉ.समरेंद्र पाठक
वरिष्ठ पत्रकार
नई दिल्ली,17 सितंबर 2026 (एजेंसी)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने वैश्विक मंच पर भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं की भावना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और उनका सार्वजनिक जीवन का उल्लेख किया।
आधिकारिक सूचना के अनुसार दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन के दौरान श्री गुप्ता ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष डॉ. क्रिस्टोफर कलिला से मुलाकात की।
श्री गुप्ता ने उन्हें “पावर विदिन: द लीडरशिप लेगेसी ऑफ नरेंद्र मोदी” पुस्तक भेंट की, जो प्रधानमंत्री के जीवन, नेतृत्व और दशकों की जनसेवा पर लिखी गई है।
बातचीत के दौरान श्री गुप्ता ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का सार्वजनिक जीवन समर्पण, निःस्वार्थ सेवा, राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता और भारत की सभ्यतागत विरासत के प्रति गहरे सम्मान की यात्रा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित और नागरिकों के कल्याण को शासन के केंद्र में रखने की प्रधानमंत्री की दृष्टि ने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को नई दिशा और आत्मविश्वास प्रदान किया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी लोकतांत्रिक शक्ति, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक जिम्मेदारियों के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि जनसेवा की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता राष्ट्रमंडल तथा व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय की संसदीय संस्थाओं के साथ भारत के जुड़ाव को निरंतर प्रेरित करती है।
डॉ. क्रिस्टोफर कलिला ने पुस्तक को सादर स्वीकार किया और इस विचारपूर्ण पहल के लिए अपनी सराहना व्यक्त की। उन्होंने भारत की जीवंत संसदीय परंपराओं तथा राष्ट्रमंडल के भीतर संसदीय सहयोग में भारत के महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया।
इस मुलाकात ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, संसदीय आदान-प्रदान को और गहरा करने तथा एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने की दिशा में राष्ट्रमंडल देशों की साझा प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर प्रदान किया।एल.एस.



