अतिक्रमण और अवैध निर्माण किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं: अग्निमित्रा पॉल
सभी बिल्डिंग प्लान की होगी जांच, गंदगी फैलाने वाले को देना होगा जुर्माना,पुलिस की ली जायेगी मदद
सिलीगुड़ी: राज्य की शहरी विकास सह महिला बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल आज सिलीगुड़ी नगर निगम पहुंची। यहां उन्होंने लोगों की समस्या को सीधे सुना। ज्यादातर शिकायतें अवैध निर्माण, सड़क, सफाई, गंदगी और अतिक्रमण को लेकर था। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सिलीगुड़ी नगर निगम में जो भी अवैध निर्माण है उसे हर हाल में तोड़ा जाएगा। अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर दुर्गापूजा तक फुटपाथ के हॉकर को नहीं हटाया जाएगा। इसका मतलब यह नहीं कि पूरे सड़क पर बह दख़ल कर कारोबार करें। पॉल ने बताया कि यह उनका दूसरा दौरा है। आज समीक्षा बैठक की जाएगी। उन्होंने कहा कि डाबग्राम फूलबाड़ी को नगरपालिका में तब्दील करने की मांग विधायक शिखा चटर्जी ने की है। उसपर काम ही रहा। बस पड़ाव की व्यवस्था उन्नत की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के कूच बिहार की स्मार्ट सिटी में तब्दील किया जाएगा। दार्जिलिंग, मिरिक, कुर्सियोंग, कलिम्पोंग और सिलीगुड़ी को जल्द ही पांच हिमालयी शहरों के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने इन शहरों के विकास के लिए समर्थन व्यक्त किया है। इससे पर्यटन, व्यापार, चाय उद्योग और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। सुश्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि शहरी बुनियादी ढांचे और स्वच्छता में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग में तो जुलाई माह की पहली तारीख से पार्किंग की केवल निर्धारित क्षेत्रों में ही अनुमति होगी और अवैध पार्किंग पर जुर्माना लगाया जाना शुरू हो गया। सिलीगुड़ी में यह पहली सितंबर से शुरू होगा। बंगाल सरकार के नगर विकास एवं नगर मामलों के विभाग ने राज्य के विभिन्न नगर निगमों और नगरपालिकाओं में नागरिक समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक निकाय में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक नए निर्वाचित नगर बोर्ड अपना कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेते। रविवार को नगर विकास एवं नगर मामलों के विभाग के ‘मुखोमुखी’ कार्यक्रम में विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नगर निगम और नगरपालिका में शिकायत निवारण (ग्रिवांस) सेल बनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी एक नोडल अधिकारी के पास होगी। यह ग्रिवांस सेल प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक संचालित रहेगा। मंत्री ने कहा कि केवल ‘मुखोमुखी’ कार्यक्रम आयोजित करना पर्याप्त नहीं है। लोगों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ उनका समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित करना होगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरी व्यवस्था के समन्वय की जिम्मेदारी नगर विकास एवं नगर मामलों के विभाग के अधिकारी शांतनु नाहा को सौंपी गई है। वह विभिन्न नगर निगमों और नगरपालिकाओं में नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर नागरिक शिकायतों की पहचान करेंगे और उनके शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।




