सीखो सिखाओ फाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करने के लिए ‘सीखो सिखाओ अवॉर्ड्स’ के पहले संस्करण ‘2026’ की घोषणा की

आवेदन 21 अगस्त से आमंत्रित; सभी 75 जिलों के लिए सम्मिलित रूप से शिक्षकों, स्कूलों, ग्राम पंचायतों व ब्लाक संसाधन केंद्रों को उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाएंगे अवॉर्ड्स

 

आगरा, अगस्त 2026: डालमिया भारत फाउंडेशन द्वारा समर्थित एक अलाभकारी शैक्षिक संगठन, सीखो सिखाओ फाउंडेशन (एसएसएफ) ने आज पहले ‘सीखो सिखाओ अवॉर्ड्स 2026’ के शुभारंभ की घोषणा की। यह उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करने वाली राज्य स्तर पर अपनी तरह की अनूठी पहल है। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों को शामिल करते हुए, शुरू किए गए ये पुरस्कार ऐसे शिक्षकों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और ब्लॉक संसाधन केंद्रों को सामने लाएंगे जिन्होंने शिक्षण एवं प्रशिक्षण, विद्यालय प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
सार्वजनिक शिक्षा के सभी प्रमुख स्तंभों को एक साथ सम्मानित करने वाले इस पुरस्कार के पहले संस्करण के अंतर्गत पांच श्रेणियों में उत्कृष्टता को पहचान दी जाएगी l ये पाँच श्रेणियां हैं — शिक्षक पुरस्कार, विद्यालय पुरस्कार, ग्राम पंचायत पुरस्कार, बीआरसी पुरस्कार और बालिका शिक्षा पुरस्कार। पहली चार श्रेणियों के पुरस्कार सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के मुख्य स्तंभों में उत्कृष्टता की पहचान कराएँगे, जबकि राज्य स्तरीय ‘बालिका शिक्षा पुरस्कार’ उस शिक्षक को सम्मानित करेगा जो शिक्षित और सशक्त बालिका के दृष्टिकोण को सर्वोत्तम रूप से प्रस्तुत करता है। इन पुरस्कारों का एक सह-उद्देश्य सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में उभरते हुए प्रभावी और विस्तारित किये जा सकने वाले अभ्यासों का दस्तावेजीकरण कर, एक ‘स्टेट प्लेबुक’ तैयार करना होगा।
श्रीमती अनुपमा डालमिया, संस्थापक सीखो सिखाओ फाउंडेशन, ने कहा, “हमने सीखो सिखाओ की शुरुआत इस साधारण विश्वास के साथ की थी कि शिक्षा में स्थायी परिवर्तन केवल एक संगठन से नहीं आ सकता। यह तब आता है जब शिक्षक, अभिभावक, समुदाय और सरकारी संरचनाएं एक साथ मिलकर काम करती हैं और बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी लेती हैं। सीखो सिखाओ अवॉर्ड्स इस सामूहिक प्रयास का उत्सव मनाने और इसे मजबूत करने वाले लोगों को सम्मानित करने की एक कोशिश है।”
डालमिया भारत फाउंडेशन के सीईओ, श्री अशोक गुप्ता ने कहा, “शिक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता ऐसी पहलों का समर्थन करने में निहित है जो सामुदायिक स्तर पर स्थायी प्रभाव सृजित करती हैं। सीखो सिखाओ अवॉर्ड्स उन लोगों और अभ्यासों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो पूरे उत्तर प्रदेश में इस बदलाव को गति दे रहे हैं। हम एक ऐसी पहल का समर्थन करके उत्साहित हैं जो इन प्रयासों का सम्मान करती है और इनसे व्यापक सीख लेने के लिए प्रोत्साहित करती है।”
सीखो सिखाओ अवॉर्ड्स 2026 के लिए आवेदन 21 अगस्त 2026 से शुरू होकर 20 सितंबर 2026 तक खुले रहेंगे। नामांकनों का मूल्यांकन चार भौगोलिक क्षेत्रों — पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के आधार पर किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक क्षेत्र से प्रति श्रेणी एक विजेता और एक उपविजेता का चयन किया जाएगा। राज्य स्तरीय ‘बालिका शिक्षा पुरस्कार’ के साथ मिलकर, यह पहला संस्करण पूरे राज्य से 17 विजेताओं और 16 उपविजेताओं को सम्मानित करेगा। पहले सीखो सिखाओ अवॉर्ड्स के विजेताओं की घोषणा 26 नवंबर 2026 — संविधान दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में आयोजित एक समारोह में की जाएगी। यह दिन भारत के उस आधारशिला रूपी दस्तावेज़ का सम्मान करता है जिसने प्रत्येक नागरिक को शिक्षा का अधिकार दिया। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से ऑनलाइन नामांकन www.seekhosikhao.org पर सबमिट किए जा सकते हैं।

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