SILF बैंकॉक में लॉन्च करेगा एशियन लीगल एकॉर्ड
एशिया में साझा कानूनी ढांचे की दिशा में बढ़ाएगा कदम

नई दिल्ली। भारत की लॉ फर्मों की शीर्ष प्रतिनिधि संस्था सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स (SILF) 18 सितंबर को बैंकॉक में अपने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन AURELIS 2026 (एशियन यूनियन फॉर रेगुलेटरी एंड इमर्जिंग लीगल इनक्लूसिव सिस्टम्स) का आयोजन करेगी। सम्मेलन में एशिया और मध्य पूर्व के विभिन्न न्यायक्षेत्रों से करीब 150 कानूनी पेशेवर, लॉ फर्म, जनरल काउंसल और कानूनी संस्थान हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण एशियन लीगल एकॉर्ड पर लाइव हस्ताक्षर होगा। SILF के अध्यक्ष डॉ. ललित भसीन इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। यह पहल एशिया के लिए एक साझा कानूनी ढांचा विकसित करने और क्षेत्रीय स्तर पर निरंतर कानूनी सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एशियन लीगल एकॉर्ड के तहत निवेश, बौद्धिक संपदा, सीमा-पार विवाद समाधान, प्रतिभाओं की आवाजाही और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किया जाएगा। यह समझौता एशिया के कानूनी समुदाय के बीच संवाद, सहयोग और संस्थागत विकास के लिए एक आधार के रूप में काम करेगा।
साथ ही, विभिन्न देशों की अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए आपसी सहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। AURELIS इस ढांचे की समीक्षा और उसे आगे बढ़ाने के लिए एक वार्षिक मंच के रूप में काम करेगा, जिससे इस पहल को पहले सम्मेलन के बाद भी निरंतरता मिल सके।
सम्मेलन से पहले SILF के अध्यक्ष डॉ. ललित भसीन ने कहा, “जिस तरह व्यापार, निवेश, तकनीक और कारोबार तेजी से राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़ रहे हैं, उसी तरह एशिया में कानूनी पेशे को भी अधिक संवाद और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना होगा। एशिया में अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाएं और नियामकीय ढांचे हैं।
सीमा-पार विवाद समाधान, डेटा प्राइवेसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल व्यापार जैसे मुद्दे नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं, जिन्हें अलग-अलग देशों के दायरे में रहकर नहीं देखा जा सकता। जरूरत इस बात की है कि हर देश की संप्रभुता और विशिष्ट कानूनी परंपराओं का सम्मान करते हुए विभिन्न न्यायक्षेत्रों के कानूनी पेशेवरों के बीच मजबूत संस्थागत संबंध विकसित किए जाएं।”
उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के आह्वान के अनुरूप, एशियन लीगल एकॉर्ड SILF की ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे एशिया के कानूनी समुदाय को संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान और पेशेवर सहयोग के लिए एक साझा मंच पर लाना है। AURELIS 2026 इस यात्रा की शुरुआत करेगा, जिसमें विभिन्न न्यायक्षेत्रों की लॉ फर्म, जनरल काउंसिल, कानूनी संस्थान और पेशेवर एक साथ आएंगे। इस पहल के माध्यम से हम मजबूत और दीर्घकालिक पेशेवर संबंध विकसित करने तथा एशिया में अधिक जुड़े हुए कानूनी तंत्र के निर्माण में योगदान देने की उम्मीद करते हैं।”
“मूविंग टूवाडस एशियन लीगल एकार्ड” थीम के तहत आयोजित होने वाले AURELIS 2026 में विभिन्न न्यायक्षेत्रों में कारोबार और कानूनी पेशेवरों के सामने मौजूद प्रमुख कानूनी और नियामकीय मुद्दों पर चर्चा होगी। सत्रों में एशिया में विवाद समाधान का भविष्य, भारत, खाड़ी क्षेत्र, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका के बीच कानूनी एवं वाणिज्यिक संबंध, विभिन्न न्यायक्षेत्रों में डेटा प्राइवेसी, AI नियमन के लिए एशिया की तैयारी, विभिन्न देशों में कानूनी क्षेत्र से जुड़े विकास और कानूनी शिक्षा एवं पेशेवर प्रैक्टिस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
इसके अलावा, सम्मेलन में नियामकीय विखंडन, सीमा-पार विवाद समाधान और उसके प्रवर्तन, डेटा संप्रभुता, AI से जुड़ी जवाबदेही और दायित्व, डिजिटल व्यापार, नियामकीय इंटरऑपरेबिलिटी तथा उभरते कारोबारी गलियारों जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
सम्मेलन में भारत, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, श्रीलंका, भूटान, हांगकांग और संयुक्त अरब अमीरात समेत विभिन्न न्यायक्षेत्रों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। अफ्रीका से भी प्रतिनिधित्व रहेगा। सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले अंतरराष्ट्रीय कानूनी और विवाद समाधान संस्थानों में हांगकांग इंस्टीट्यूट ऑफ आर्बिट्रेटर्स (HKIArb), बांग्लादेश इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (BIAC), भूटान अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन सेंटर (BADRC), थाईलैंड आर्बिट्रेशन सेंटर (THAC), एशियन इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (AIAC), मलेशिया और बैंगलोर इंटरनेशनल मेडिएशन, आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सिलिएशन सेंटर (BIMACC), भारत शामिल हैं।
AURELIS 2026 के प्रमुख वक्ताओं में भूटान एडीआर सेंटर के महासचिव तेनजिन लीवान, कोलंबो लॉ अलायंस के लीड काउंसिल डॉ. असंगा गुनावांसा, केलूक के डिप्टी जनरल काउंसिल रयान चुंग, , टिलके एंड गिबिन्स की पार्टनर एवं डायरेक्टर (कॉरपोरेट एंड कमर्शियल) अथिस्था (नोप) चितरानुक्रोह, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड के जनरल काउंसिल एवं कंपनी सेक्रेटरी सचिन मिश्रा, आईबीएम के कंट्री काउंसिल सोनथास मनिवत और बैंकॉक यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ की डीन एवं एलएलएम. प्रोग्राम की डायरेक्टर डॉ. परदा काओफरादाई सहित अन्य कानूनी, कॉरपोरेट और अकादमिक क्षेत्र के वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
सम्मेलन में हिस्सा लेने वाली कानूनी फर्मों में कोचर एंड कंपनी, कुडुन एंड पार्टनर्स, टिलके एंड गिबिन्स, टीएचएस द लॉ फर्म, एसएनजी एंड पार्टनर्स, पीए एसोसिएट्स और लॉयरमैन एंड पार्टनर्स समेत अन्य फर्म शामिल हैं।
AURELIS 2026 और एशियन लीगल एकॉर्ड के माध्यम से SILF का उद्देश्य भारतीय लॉ फर्मों और व्यापक एशियाई कानूनी समुदाय के बीच संस्थागत और पेशेवर संबंधों को मजबूत करना है। यह पहल ऐसे समय में हो रही है जब व्यापार, निवेश, तकनीक और कारोबार तेजी से विभिन्न देशों और न्यायक्षेत्रों में फैल रहे हैं। इसका उद्देश्य संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोग के लिए स्थायी माध्यम विकसित करना तथा बढ़ते सीमा-पार आर्थिक एकीकरण से उत्पन्न नई कानूनी और नियामकीय चुनौतियों से निपटना है।
AURELIS 2026 का आयोजन 18 सितंबर 2026 को द रेम्ब्रांट होटल, बैंकॉक, थाईलैंड में किया जाएगा।




