जन सेवा सहयोग ट्रस्ट के कार्यक्रम में महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी, संगठन को मिली नई ऊर्जा
_रमेश ठाकुर – रामनगर पश्चिमी चंपारण,बिहार_समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यरत जन सेवा सहयोग ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और संगठन की सदस्यता ग्रहण की। यह आयोजन महिलाओं की सामाजिक जागरूकता और सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ब्रिजबिहारी श्रीवास्तव (बिहार प्रदेश एडवाइजर) ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज का समुचित विकास संभव नहीं है। उन्होंने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट महिलाओं के उत्थान, शिक्षा, स्वावलंबन और जागरूकता के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि यह संगठन समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है और महिलाओं की बढ़ती सक्रियता इसका प्रमाण है।
इसके अलावा संस्था के उपाध्यक्ष ऋषिवेश कुमार सिंह, महामंत्री रितेश कुमार भारती, सदस्य सैफुल्लाह और अमित कुमार शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संगठन की आगामी योजनाओं पर चर्चा की और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
इस कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों महिलाओं ने ट्रस्ट की सदस्यता ली और समाज सेवा की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया। इस मौके पर कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह संगठन से जुड़कर वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य कर रही हैं।
जन सेवा सहयोग ट्रस्ट आने वाले समय में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्वरोजगार प्रशिक्षण शिविर, कानूनी सहायता, शिक्षा अभियान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम चलाने की योजना बना रहा है। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में संगठन की नई सदस्यों को सम्मानित किया गया और उन्हें समाज सेवा के कार्यों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ट्रस्ट ने सभी महिलाओं और युवतियों से आग्रह किया कि वे आगे आकर समाज में बदलाव लाने के इस अभियान का हिस्सा बनें।
इस सफल आयोजन ने न केवल महिलाओं में जागरूकता बढ़ाई बल्कि संगठन को भी नई ऊर्जा प्रदान की, जिससे समाज सेवा के कार्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी।


