धूप में लाइनें, हाथ खाली – खाद वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल

 

_रमेश ठाकुर – रामनगर (पश्चिम चंपारण)_पश्चिम चंपारण जिले, विशेषकर रामनगर प्रखंड में यूरिया खाद की भारी किल्लत के कारण किसानों को अभूतपूर्व कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में धान की बुआई का समय चल रहा है, ऐसे में खाद न मिल पाने के कारण फसल का भविष्य अधर में लटक गया है। स्थिति इतनी भयावह है कि किसान तेज धूप और भीषण गर्मी में भी घंटों सरकारी खाद केंद्रों पर लाइन में लगे हैं, फिर भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रही।

स्थिति की गंभीरता इस बात से भी स्पष्ट है कि कई केंद्रों पर यूरिया खाद उपलब्ध ही नहीं है, और जहाँ उपलब्ध है वहाँ ब्लैक मार्केटिंग के ज़रिये ₹500 तक अधिक वसूली की जा रही है। इससे छोटे और गरीब किसान बुरी तरह प्रभावित हैं।

*सईद सिद्दीकी का तीखा प्रहार: “यह किसानों के साथ अन्याय है”*

इस विषय पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी – शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव (पंचायतीराज विभाग), साथ ही लोक जागरण मंच के जिला महामंत्री सईद सिद्दीकी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रशासन और सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने इसे किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया और कहा “यूरिया की कालाबाजारी किसान विरोधी मानसिकता का घिनौना प्रमाण है। यह केवल आर्थिक दोहन नहीं, बल्कि अन्नदाता का अपमान है। यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो किसान सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।”

*सईद सिद्दीकी की तीन प्रमुख माँगें:*

1. सभी सरकारी बिक्री केंद्रों पर खाद की तत्काल और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
2. ब्लैक मार्केटिंग में लिप्त दलालों और अधिकारियों पर सख़्त से सख़्त कानूनी कार्रवाई हो।
3. हर पंचायत स्तर पर खाद वितरण की निगरानी के लिए स्वतंत्र समितियाँ गठित की जाएं, जिनमें स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।

*“हल्ला बोल” आंदोलन की चेतावनी*

सईद सिद्दीकी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने इस मुद्दे पर मौन साधे रखा और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो
“खाद की कालाबाजारी के विरुद्ध हल्ला बोल” कार्यक्रम
का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत जनांदोलन चलाकर दोषियों को बेनकाब किया जाएगा और सरकार की नाकामी को उजागर किया जाएगा।

*किसानों की पीड़ा का सच्चा दस्तावेज बना वीडियो*

रामनगर में खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की बदहाली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें किसान खुलेआम अपनी पीड़ा साझा कर रहे हैं। कई बुजुर्ग, महिलाएँ और मजदूर वर्ग के किसान लाइन में परेशान हाल दिख रहे हैं।
इस वीडियो को आम जनता और युवाओं का भारी समर्थन मिल रहा है, जो साफ दर्शाता है कि यह संकट केवल किसानों का नहीं, पूरे समाज का है।

*अपील: किसान विरोधी तंत्र के खिलाफ एकजुट हो जनता – सिद्दीकी*

अपने संदेश के अंत में सईद सिद्दीकी ने जनता और जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा “अब चुप रहने का वक्त नहीं, बल्कि बोलने और खड़े होने का समय है। किसान अगर कमजोर हुआ तो राष्ट्र कमजोर होगा। ”

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