GITB का 15वां संस्करण जयपुर में शुरू हुआ; हाई-वैल्यू पर्यटन और राजस्थान पर ग्लोबल स्पॉट-लाइट
प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप पर्यटन का जीडीपी में योगदान 5.22% से बढ़ाकर दोगुना यानी 10% करने की दिशा में हो रहा कार्य।
भारत और राजस्थान को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता, जिससे निवेश, रोजगार और वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा।
• 3-दिवसीय वैश्विक पर्यटन मंच पर भारतीय विक्रेताओं और खरीदारों के बीच 10,000 से अधिक पूर्व निर्धारित B2B बैठकों का आयोजन होगा।
जयपुर, 27 अप्रैल, 2026: भारत का प्रमुख B2B इनबाउंड पर्यटन कार्यक्रम ‘द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार’ (GITB) के 15वें संस्करण का उद्घाटन जयपुर के जय महल पैलेस में किया गया। इस कार्यक्रम में दुनिया भर के खरीदार, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज एक साथ शामिल हुए। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग और FICCI के सहयोग से आयोजित यह तीन-दिवसीय कार्यक्रम जयपुर प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर (JECC) में प्रदर्शनियों और B2B बैठकों के साथ जारी रहेगा। उच्च-मूल्य और अनुभव-आधारित पर्यटन पर केंद्रित 2026 का यह संस्करण गहन यात्रा अनुभवों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और नवाचार को भी गति देने का लक्ष्य रखता है।
राज्य के लिए रणनीतिक दिशा तय करते हुए राजस्थान की माननीय उपमुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी ने जोर देकर कहा, “GITB पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान के नेतृत्व को प्रदर्शित करने के साथ वैश्विक साझेदारियों को भी बढ़ावा देता है। पर्यटन विकास का एक प्रमुख इंजन है, जो रोजगार, निवेश और समावेशी विकास को गति देता है। विरासत के जीर्णोद्धार और बावड़ियों के संरक्षण से लेकर शेखावटी जैसे नए सर्किट और बेहतर बुनियादी ढांचे तक विशिष्ट पहलों के माध्यम से हम राजस्थान को साल भर चलने वाले, अनुभव-आधारित पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हम राजस्थान को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं, जो निवेश, रोज़गार और नवाचार को बढ़ावा दे और वैश्विक साझेदारों को इस यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हैं।”
नीतिगत ढांचे की मजबूती को रेखांकित करते हुए राजस्थान के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पर्यटन ‘विकसित राजस्थान’ के विजन का केंद्र है। पर्यटन नीति 2025 निवेश, व्यापार करने में आसानी और होमस्टे, फिल्म पर्यटन और इको-टूरिज्म जैसे उभरते क्षेत्रों में विस्तार को बढ़ावा देगी, जिससे भारत का व्यापक पर्यटन इकोसिस्टम और मजबूत होगा।
राष्ट्रीय विजन के अनुरूप भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक श्री सुमन बिल्ला ने कहा कि भारत का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में पर्यटन के GDP योगदान को 5% से बढ़ाकर 10% करना है। इसमें मजबूत बुनियादी ढांचे का विकास, बढ़ते विमानन नेटवर्क और बढ़ती मांग का सहयोग मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने इस लक्ष्य को स्पष्ट रूप से सामने रखा है, जिसमें कहा गया है कि GDP में पर्यटन का योगदान 5.22% से बढ़कर 10% होना चाहिए।
इस मंच के विकास पर प्रकाश डालते हुए राजस्थान सरकार की पर्यटन सचिव सुश्री शुचि त्यागी ने कहा कि GITB अब एक पारंपरिक व्यापार कार्यक्रम से आगे बढ़कर एक रणनीतिक बाजार बन गया है। यह राजस्थान के पर्यटन प्रस्तावों को सीधे अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ता है, जिसे बुनियादी ढांचे की तैयारी, निवेश में सुविधा और अनुभव-आधारित पर्यटन पर विशेष जोर से समर्थन मिलता है।
उद्योग जगत के सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए FICCI की पूर्व अध्यक्ष, FICCI पर्यटन समिति की मार्गदर्शक और दि ललित सूरी हॉस्पिटैलिटी की सीएमडी डॉ. ज्योत्सना सूरी ने कहा कि GITB निरंतर सार्वजनिक-निजी भागीदारी की ताकत को दर्शाता है। यह सार्थक जुड़ाव के माध्यम से वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भारत की उपस्थिति को लगातार ऊंचा उठा रहा है।
FICCI के महासचिव श्री अनंत स्वरूप ने कहा कि GITB 2026 में भागीदारी का पैमाना और विविधता भारत की पर्यटन क्षमता में बढ़ते वैश्विक विश्वास का संकेत है। यह विश्वास दीर्घकालिक व्यावसायिक अवसरों और मजबूत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में तब्दील होगा।
GITB 2026 में भारतीय विक्रेताओं और विदेशी खरीदारों के बीच 10,000 से अधिक पूर्व-निर्धारित B2B बैठकें आयोजित की जाएंगी। यह कार्यक्रम भारत के विरासत और संस्कृति से लेकर वेलनेस, वन्यजीव, ग्रामीण और अनुभव-आधारित पर्यटन तक विविध पर्यटन प्रस्तावों को प्रदर्शित करता है, जो लोगों की वैश्विक यात्रा की बदलती प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।



