पप्पू यादव अपने क्षेत्र की जनता की सेवा में जुट जाना चाहिए!
विचार विमर्श
राजीव कुमार झा
बिहार में राजनीति में हत्या की संस्कृति दम तोड़ती दिखाई दे रही है लेकिन जमीन के कारोबार में हत्या को जमीन पर कब्जे की वारदात में साधन बनाया जा रहा है । गैंगस्टरी ऐसे आज भी बिहार में है । लखीसराय और बड़हिया में भले ही यह खत्म हो गई हो। पटना के पारस अस्पताल में चंदन मिश्रा की हत्या के बाद पप्पू यादव काफी मुखर बने रहे और अब वह धमकी मिलने की बात कर रहे हैं। अजित सरकार हत्याकांड में भी कई लोगों का नाम आया था। शायद इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाई गयी थी। उस समय बिहार में चुनावी राजनीति में हत्याएं खूब होती थीं और अपने रास्ते से प्रतिद्वंद्वी नेताओं को हटाने के लिए नेतागण हत्याओं का सहारा लिया करते थे। वर्तमान में आप चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन आपको बड़बोलेपन से दूर रहना होगा और अगर आप दबंगों अपराधियों से उलझेंगे तो वे आपको भी नहीं छोड़ेंगे। अपराधियों के खिलाफ बयानबाजी करके लोगों और खासकर नेताओं को शोहरत बटोरने से बचना चाहिए। शेखपुरा में दबंगों ने राजो सिंह को मार डाला था। उसके पहले भी वहां एक जाति विशेष के लोग हिंसा के शिकार हुए थे। चंदन मिश्रा की हत्या के बाद पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शेरू सिंह गिरोह से धमकी मिलने की बात कही है। अपराध की दुनिया में धमकी आम बात है। शेरू सिंह का पटना के फुलवारी शरीफ के अपराधियों से सांठगांठ है । पटना पुलिस बहुत जल्द शेरू सिंह को रिमांड पर लेने वाली है। चंदन मिश्रा की हत्या से पहले शेरू सिंह ने पुरुलिया जेल से उससे बातचीत की थी। चंदन मिश्रा का वह मोबाइल फोन पटना पुलिस ने कब्जे में ले लिया था और उसी से मामले का खुलासा हुआ है। पप्पू यादव को चंदन मिश्रा हत्याकांड से कोई मतलब नहीं रखना चाहिए और पटना पुलिस इस मामले में मुस्तैदी से दोषियों की गिरफ्तारी में संलग्न है। अपराध पुलिस का मामला है। पहली जांच में यह जमीन का मामला है। जमीन के कारोबारियों के आतंक से बिहार के सारे शहर तबाह हो रहे हैं। हाजीपुर की किसी जमीन को लेकर शेरू सिंह से चंदन मिश्रा का विवाद चल रहा था। पटना पुलिस ने ऐसा बताया है और चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल अपराधियों ने रुपए पैसे के लालच में ऐसे कृत्य को अंजाम दिया था। अपराधी कर्ज में डूबे हुए थे और तौसीफ अपना सारा रुपया पैसा जुए में हार गया था। पप्पू यादव चुप रहें और अपने क्षेत्र की जनता की सेवा में जुट जाएं। चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल सारे अपराधियों का जीवन बर्बाद हो चुका है।



