छात्र कल्याण को लेकर विभाग की बैठक में लिए गए अहम फैसले

 

_रमेश ठाकुर – पश्चिम चंपारण, बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा राज्यभर के इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक संस्थानों में नवप्रवेशित छात्रों के समुचित समायोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विभाग की सचिव डॉ. प्रतिमा ने की।

बैठक में नए सत्र में नामांकित छात्रों को संस्थानों की विधि-व्यवस्था, शैक्षणिक संरचना और संसाधनों से परिचित कराने पर विशेष जोर दिया गया। सचिव ने निर्देशित किया कि छात्रों को हॉस्टल, मेस, लाइब्रेरी, प्रयोगशालाओं सहित संस्थान से जुड़ी प्रत्येक सुविधा की समुचित जानकारी दी जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

डॉ. प्रतिमा ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी छात्रों को विभाग के विभिन्न डिजिटल पोर्टलों की जानकारी दी जानी चाहिए, जिससे वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित माध्यम तक पहुंच सकें और आवश्यकतानुसार शिकायत भी दर्ज करा सकें।

रैगिंग के प्रति विभाग की सख्त नीति को दोहराते हुए सचिव ने कहा कि सभी संस्थानों में रैगिंग पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की जाए। उन्होंने सहायक निदेशकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिसर और हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की गहन समीक्षा की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कैमरे न केवल पूरी तरह कार्यशील हों, बल्कि सभी संवेदनशील स्थानों पर उपयुक्त रूप से स्थापित भी हों।

बैठक में विभाग के अपर सचिव सह निदेशक श्री अहमद महमूद सहित सभी सहायक निदेशक मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार वाले संस्थानों में उपरोक्त निर्देशों का तत्परता से अनुपालन सुनिश्चित करें।

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का यह प्रयास प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के वातावरण को सुरक्षित, अनुशासित और विद्यार्थियों के लिए सहज बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।

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