संपादित पुस्तक ‘माँ की ममता‘ का विमोचन
-डॉ मंजु गुप्ता ने लिखी हैं पुस्तक की भूमिका और समीक्षा
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। सीता ट्रस्ट के तत्वावधान में पुणे में नई पीठ स्थित पत्रकार भवन ऑडिटोरियम में 106 पुस्तकों का सामूहिक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। डॉ शंकर घनश्याम दास अदानी के संपादकत्व में माँ की ममता‘ का विमोचन किया गया जिसमें 140 रचनाकारों की 5121 कविताएं संग्रहित हैं, जिनमें 54 कविताएं डॉ मंजु गुप्ता की हैं। ‘मॉं की ममता‘ पुस्तक की भूमिका और समीक्षा डॉ मंजु गुप्ता ने लिखी हैं।
विमोचन समारोह की मुख्य अतिथि डॉ मंजु गुप्ता के अलावा पद्मश्री भीकुराम, पद्मश्री पोपटराव पवार, पद्मश्री चात्रराम पवार, पद्मश्री दादा साहेब लाड, पद्मश्री विजय शाह पद्मश्री डॉ उदय देशपांडे विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथियों और समारोह के आयोजक डॉ शंकर घनश्याम दास द्वारा डॉ मंजु गुप्ता को शील्ड, स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र और श्रीमद्भगवत गीता देकर सम्मानित किया गया।
समारोह का श्रीगणेश डॉ मंजु गुप्ता ने माता की महिमा में दोहे से काव्य पाठ से हुआ। इस अवसर पर डॉ मंजु गुप्ता ने समारोह को संबोधित करते हुए मातृ-पितृ संस्कृति की महत्ता, संस्कार के बारे बताया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सनातन संस्कृति की ओर लौटना होगा तभी हम वृद्धाश्रम पर रोक लगा सकेंगे। हमें माता को सम्मान देना होगा।
सीता ट्रस्ट द्वारा ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। ट्रस्ट को राष्टीय-अंतर्राष्टीय स्तर पर पहचान मिली है। इस कार्यक्रम को लंदन बुक ऑफ रिर्काउस, इंडिया बंक ऑफ रिकार्ड को आधिकारिक तौर पर विश्व रिकार्ड के रुप में दर्ज किया गया है।




