चुनाव के बाद बिहार में बिजली संकट क़ायम हो सकता है!
विधानसभा चुनाव:बिहार में बिजली की राजनीति
राजीव कुमार झा
इसे आप अफवाह नहीं समझें लेकिन आने वाले दिनों में ऐसा हो सकता है और अगर राजद की सरकार बिहार में बन जाएगी तो शायद इस संकट का एक नया पहलू फिर सामने आ सकता है क्योंकि राजद के द्वारा ढाई सौ यूनिट फ्री बिजली देने की बात की जा रही है। लालू प्रसाद कितना बिजली उत्पादन करते थे इसे सारी दुनिया जानती है। आगे उन्होंने इस पर ध्यान देना बंद कर दिया। तब हम ग्रामवासी अंधेरे में और बिना पंखे के रहते थे। लखीसराय शहर शाम होते ही गुमनामी में डूब जाता था।
पिछले कुछ सालों से बिहार में बिजली की चकाचौंध दिखाई देती है। इसी बीच वर्तमान सरकार ने यहां एक सौ यूनिट बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं को फ्री बिजली देने की घोषणा की है। सरकार के द्वारा हाल में फ्री बिजली देने की बात राजद के द्वारा की गयी थी और इसी क्रम में चुनाव से पहले यहां सतारूढ़ सरकार ने वाहवाही के ख्याल से फ्री बिजली देने का ऐलान कर दिया है लेकिन राज्य सरकार के बिजली संयंत्रों में बिहार की वर्तमान जरूरत के अनुरूप बिजली उत्पादन नहीं हो पाता है और बिहार में बिजली केन्द्र सरकार नियंत्रणाधीन संयंत्रों से खरीदी जाती है। जाहिर है कि अगर बिहार सरकार लोगों को एक सौ यूनिट फ्री बिजली देने की वाहवाही में समय पर केंद्रीय विद्युत उत्पादन प्रतिष्ठानों को समय पर विद्युत क्रय राशि का भुगतान अगर नहीं कर पाएगी तो यहां विद्युत आपूर्ति स्वाभाविक रूप से बाधित हो जाएगा। लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सरकार के समय विद्युत आपूर्ति की बदहाली का यह प्रमुख कारण माना जाता है। वर्तमान सरकार को भी यहां यह सदैव याद रखना चाहिए।




