जीडी कॉलेज में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने छात्र कल्याण के अध्यक्ष का किया पुतला दहन
छात्र कल्याण के अध्यक्ष अशोक कुमार मेहता ने दलालों के मिलीभगत से की है जीडी कालेज में धांधली: श्याम सुंदर कुमार
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। सोमवार को जीडी कॉलेज में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं के द्वारा छात्र कल्याण अध्यक्ष अशोक कुमार मेहता का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज अध्यक्ष श्याम सुंदर कुमार ने की। वहीं श्याम सुंदर कुमार ने बताया कि सीबीसीएस सिस्टम से चल रहे प्रथम छमाही की नामांकन प्रक्रिया में भारी अनियमितता थर्ड राउंड सिलेक्शन लिस्ट में देखी गई है। सत्र 2025 से 2029 की नामांकन प्रक्रिया में थर्ड राउंड सिलेक्शन लिस्ट में छात्र कल्याण अध्यक्ष अशोक कुमार मेहता से मिलकर स्थानीय दलालों के मिलीभगत से भारी धांधली किया है। श्याम सुंदर ने बताया कि मेधावी छात्रों को नामांकन से वंचित रखा गया है एवं ठेकेदार व दलाल के बच्चों को मेरिट लिस्ट में नाम डाला गया है। मेधावी छात्र-छात्राओं इस नामांकन की प्रक्रिया से रिक्त सीट नहीं होने के कारण नामांकन से वंचित हो रहे हैं। ऐसे कार्य करने के बाद छात्र कल्याण अध्यक्ष अशोक कुमार मेहता अपने बचाव में तरह-तरह के बयान सार्वजनिक कर रहे हैं। जबकि लिस्ट में भारी अनमीयता सबों के मिलीभगत से की गई है। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी को अवगत कराया। जिसके बाद सिलेक्शन लिस्ट को रद्द करते हुए नामांकन प्रक्रिया में नई लिस्ट मेधावी छात्रों की लिस्ट जारी करने की अपील की है। अशोक कुमार मेहता का कहना है कि कुछ शिक्षक की भी इसमें संलिपिता पाई गई है। हालांकि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन इस बयान का खंडन करते हुए अशोक कुमार मेहता पर गंभीर आरोप लगा रहा है कि पूर्व में बीएड के नामांकन में गंभीर आरोप लग चुका है। एनएसयूआई के कॉलेज उपाध्यक्ष रोहित कुमार मोनू ने बताया कि अशोक कुमार मेहता खुद ही पूर्व में इसके ठेकेदार रह चुके हैं और वर्तमान स्थिति में भी उनकी ही संलिप्तता हो सकती है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन छात्र हित में दावे के साथ कह रही है। अशोक कुमार मेहता पर विजिलेंस की टीम जांच के तौर पर गठित है। फिर भी कुलपति के द्वारा अशोक कुमार मेहता को छात्र कल्याण अध्यक्ष बना दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे विश्वविद्यालय के गरिमा पर भी यह सवाल खड़े हो रहे हैं और छात्र-छात्राओं के हित में विश्वविद्यालय सही ढंग से कार्य नहीं कर रही है। प्रिंस कुमार ने कहा कि आने वाले समय में जब छात्र सड़क पर आएंगे तो ऐसे छात्र कल्याण अध्यक्ष को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे। सौरभ कुमार ने बताया कि पूर्व में सीबीसीएस सिस्टम के अनुसार चल रहे प्रथम छमाही नामांकन प्रक्रिया में 185227 बच्चों ने आवेदन किया था। उन सभी आवेदित विद्यार्थी का नामांकन सीट नहीं होने के कारण 45000 छात्र-छात्राएं नामांकन से वंचित थे। छात्र कल्याण अध्यक्ष अशोक कुमार मेहता ने फिर से आवेदन करने का फरमान जारी किया। जब सीट रिक्त नहीं था तो आवेदन करने का मौका कहीं से जायज नहीं था। यह साफ-साफ दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र-छात्राओं से आवेदन के माध्यम से मोटी रकम ऐंठने का प्रयास किया गया। छात्र नेता अंकित कुमार, बबलू कुमार और सोनू सिंह ने कहा कि जितने भी छात्र-छात्राओं का पूर्व एवं नए आवेदन किए हैं। उसका नामांकन जल्द से जल्द सुनिश्चित करें, अन्यथा भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन सड़क से सदन तक आंदोलन करने को बाध्य होगी। जिसकी सारी जवाबदेही विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। छात्र नेता कन्हैया कुमार और रिषभ कुमार ने बताया कि छात्र कल्याण अध्यक्ष अशोक कुमार मेहता के द्वारा यह बयान दिया गया कि शिक्षक कर्मचारी एवं स्थानीय लोगों की भी संलिप्तता है। विश्वविद्यालय के कुलपति भी शिक्षक वर्ग से आते हैं। छात्र कल्याण अध्यक्ष अशोक कुमार मेहता ने कुलपति पर भी प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए है। अशोक कुमार मेहता जो आरोप लगा रहे हैं, वैसे शिक्षक जिनका मासिक वेतन लाखों मे है, ऐसे बयान को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन खंडन करती है और यह कहती है कि छात्र कल्याण अध्यक्ष अशोक कुमार मेहता को ऐसे बयानबाजी से परहेज करना चाहिए। नहीं तो कहीं ना कहीं उनके मानसिक संतुलन बिगड़ गया हो तो इलाज की जरूरत है। ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय के कुलपति से यह आग्रह करता है कि ऐसे छात्र कल्याण अध्यक्ष छात्र-छात्राओं के कल्याण योग्य नहीं है। इन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए और इनपर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मौके पर रिषभ कुमार, बब्लू कुमार, कन्हैया सिंह, नवनीत सिंह, आदित्य कुमार, प्रिंस कुमार, दीपक कुमार, रौनक कुमार, वंशीका कुमारी, अंजलि कुमारी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।




