जेल से रिहाई के बाद फिर पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के घर पहुंची ED, अस्वस्थता के कारण घर पर ही होगी पूछताछ
कोलकाता : शिक्षक भर्ती घोटाले (SSC) के मामले में जेल से सशर्त रिहाई मिलने के बावजूद पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी अचानक उनके नाकतला स्थित आवास पर पहुंच गए। जेल से बाहर आने के बाद यह पहली बार है जब केंद्रीय एजेंसी ने सीधे उनके घर पर दस्तक दी है। ED सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, पार्थ चटर्जी के घर पहुंचने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:दस्तावेजों का सत्यापन (Document Verification): जेल से रिहाई के बाद जांच प्रक्रिया के तहत कुछ महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेजों के मिलान और सत्यापन की आवश्यकता थी।पूछताछ से लगातार दूरी: रिहाई के बाद ED ने उन्हें कई बार साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) में हाजिर होने के लिए समन भेजा था, लेकिन पार्थ चटर्जी एक बार भी उपस्थित नहीं हुए।अस्वस्थता का हवाला: पार्थ चटर्जी की ओर से उनके वकीलों ने सूचित किया था कि वे शारीरिक रूप से अत्यंत अस्वस्थ हैं, जिस कारण उनके लिए दफ्तर जाकर पूछताछ में शामिल होना संभव नहीं है। यहाँ तक कि कोर्ट की रूटीन हाजिरी को भी उन्होंने बीमारी का कारण बताकर टाला था और अस्पताल में भर्ती हो गए थे।नई कड़ियां और जानकारी: जांच एजेंसी को मामले से जुड़ी कुछ नई जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर उनसे तत्काल पूछताछ करना अनिवार्य हो गया था। ED के अधिकारियों का स्पष्ट रुख है कि जांच की प्रक्रिया को और अधिक समय तक लटकाया नहीं जा सकता।
चूंकि पूर्व मंत्री स्वास्थ्य कारणों से एजेंसी के दफ्तर नहीं आ पा रहे थे, इसलिए कानून की बाध्यताओं और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने खुद उनके घर जाकर पूछताछ करने का निर्णय लिया।पार्थ चटर्जी के वकीलों के अनुसार, उन्होंने स्वयं ही जांच एजेंसी को यह विकल्प दिया था कि यदि आवश्यक हो, तो अधिकारी घर आकर पूछताछ कर सकते हैं। फिलहाल, भारी सुरक्षा के बीच उनके आवास पर दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।



