न्याय प्रणाली का सेतु है पारा विधिक स्वयंसेवक: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत

पारा विधिक स्वयंसेवकों को परिचय पत्र प्रदान करने के दौरान जिला जज ने कहा कि आमजनों को न्यायालय तक जोड़ने का काम करता है पीएलवी

 

आगामी 13 सितंबर को होनेवाले राष्ट्रीय लोक अदालत और मेडिएशन फॉर द नेशन अभियान का प्रचार-प्रसार करने का जिला जज ने दिया निर्देश

नन्दकिशोर दास

बेगूसराय ब्यूरो। शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के एडीआर भवन में पारा विधिक स्वयंसेवकों के साथ 13 सितंबर को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत और 90 दिनों तक चलने वाले मेडिएशन फॉर द नेशन अभियान को सफल बनाने पर बैठक आयोजित की गई। इसका उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बृजेंद्र कुमार, पोक्सो कोर्ट की स्पेशल जज दिव्या शेखर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश करुणा निधि प्रसाद आर्या, पीएलए के सदस्य वंदना कुमारी और अरविंद कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर संयुक्त रूप से किया। उसके बाद पारा विधिक स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवक न्याय प्रणाली का सेतु है। यह आमजनों को न्यायालय तक जोड़ने का काम करता है। उन्होंने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवक लोक अदालत की नींव और जिला विधिक सेवा प्राधिकार का स्तंभ है।जिला जज ने पारा विधिक स्वयंसेवकों से अपने और क्षेत्र में आगामी 13 सितंबर को होनेवाले राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार-प्रसार करने को कहा। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे मामले जैसे बिजली बिल, बैंक, इंश्योरेंस क्लेम, मोटर दुर्घटना या छोटे-मोटे मुकदमें में दोनों पक्षकारों को समझा-बुझाकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय लाने की अपील की, जहां उनके मामलों का निष्पादन सुलह के आधार पर किया जाएगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 90 दिनों के मेडिऐसिन फॉर द नेशन अभियान का भी प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने पारा विधिक स्वयंसेवकों का मानदेय नालसा के द्वारा अब 500 से बढ़कर 750 रुपए बढ़ाने की बात कही है।प्रधान जिला जज ऋषिकांत ने पाराविधिक स्वयंसेवकों को बताया कि 27 अगस्त से 2 सितंबर तक 13 सितंबर को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत एवं राष्ट्र के लिए मध्यस्थ अभियान को सफल बनाने के लिए प्रखंडों में जागरूकता शिविर का आयोजन करने पर बल दिया। इसके लिए पंचायती राज विभाग के पदाधिकारी को निर्देश दे दिया गया है।परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बृजेंद्र कुमार ने पीएलवी को बताया कि आम लोगों के बीच जाकर नालसा एवं बालसा की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताएं। पोक्सो न्यायालय की स्पेशल जज दिव्या शेखर ने महिला पीएलवी कहा कि महिलाओं से जुड़े जितने मामले हैं, चाहे वह डोमेस्टिक वायलेंस से संबंधित मामले या परिवार न्यायालय से संबंधित मामलों में घर-घर जाकर महिलाओं को समझाने की बात कही। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्या ने पीएलवी को जिला विधिक सेवा प्राधिकार का जड़ बताया है। उन्होंने पूरी कर्मठता के साथ आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत एवं मेडिएशन फॉर दी नेशन अभियान में अधिक से अधिक मामलों का सुलह करवाने की अपील की। प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश करुणा निधि प्रसाद आर्या ने पीएलवी को कहा कि अब जिला विधिक सेवा प्राधिकार के परिसर में परमानेंट लोक अदालत भी कार्यरत है। जिसमें रोजमर्रा से संबंधित छोटे-छोटे मामले का निष्पादन हो सकेगा। कार्यक्रम के अंत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पारा विधिक स्वयंसेवकों को परिचय पत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा परिचय पत्र पहनकर पूरी ईमानदारी और तत्परता के साथ अपने कार्य को करेंगे। मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सहायक इंद्रसेन शर्मा, उदय कुमार, शशि कुमार, रवि, आलोक, पारा विधिक स्वय सेवक प्रभात कुमार सिन्हा, नंदकिशोर दास, मुकेंद्र पासवान, विवेक कुमार सिन्हा, गौरव कुमार, मोहन कुमार सिंह, रूबी कुमारी, पिंकी कुमारी, जया कुमारी सहित सभी पारा विधिक स्वयंसेवक उपस्थित थे।

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