बिहार में जनजीवन:स्वच्छता और स्वास्थ्य नालंदा के पावापुरी के तीर्थक्षेत्र के आसपास शौचादिक गंदगी की समस्या!

 

राजीव कुमार झा

नालंदा जिले में पावापुरी जैन मतावलंबियों का अत्यंत प्रसिद्ध स्थल है और यहां भगवान महावीर ने निर्वाण प्राप्त किया था। पावापुरी का जल मंदिर उनकी स्मृति को साकार करता है।
इस जल मंदिर से एक सड़क समोवशरण मंदिर की तरफ जाती है और इसी दौरान जल मंदिर से थोड़ी दूर आगे एक महादलित बस्ती से भी यह सड़क गुजरती है। यहां महादलित बस्ती की कुछ महिलाएं और उनके बच्चे शौच से निवृत्त होते हैं जिससे यहां दिन – रात काफी दुर्गंध फैला रहता है। इस तरफ पावापुरी नगर पंचायत का बिल्कुल कोई ध्यान नहीं है। स्वच्छता मनुष्य के नैसर्गिक भावों में शामिल है और अभी भी गरीब विशेष कर दलितों में स्वच्छता की चेतना का विकास ठीक से नहीं हो पाया है और पावापुरी की महादलित बस्ती में सड़क किनारे शौचादिक गंदगी का नजारा हमारे समाज की इस कथा का बयान करता है। इस समस्या का निवारण जरूरी है क्योंकि दलित परिवार की महिलाएं और उनके बच्चे यहां जहां शौच करते हैं, यह सड़क समोवशरण मंदिर की तरफ जाती है और तीर्थ यात्री इस सड़क से गुजरते हैं। समोवशरण मंदिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि यहां भगवान महावीर ने अपना अंतिम उपदेश दिया था।

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