कोलकाता में ममता बनर्जी का बड़ा सड़क प्रदर्शन: हॉकरों के जबरन निष्कासन के खिलाफ धर्मतल्ला से निकाली विशाल रैली; ‘

* पुनर्वास पहले, बेदखली बाद में' का नारा

 

अजित प्रसाद/ कोलकाता : कोलकाता के धर्मतल्ला (एस्प्लेनेड) इलाके में आज तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में चलाए जा रहे हॉकर और अवैध निर्माण विरोधी अभियान (बुलडोजर कार्रवाई) के खिलाफ टीएमसी ने सड़क पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।धर्मतल्ला से लेनिन सरणी तक गूंजे नारे; बिना पुनर्वास हटाने का विरोधयह विरोध रैली मध्य कोलकाता के हृदय स्थल धर्मतल्ला से शुरू हुई और लेनिन सरणी से होते हुए एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई। रैली में शामिल हजारों तृणमूल कार्यकर्ताओं, हॉकरों और स्थानीय दुकानदारों ने हाथों में तख्तियां (प्लेकार्ड) लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।ममता बनर्जी ने मार्च का नेतृत्व करते हुए हॉकरों के रोजगार और उनकी आजीविका की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।ममता बनर्जी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा:ममता बनर्जी का वक्तव्य: “प्रशासन फुटपाथों और सड़कों को साफ करने के नाम पर गरीब दुकानदारों को उजाड़ रहा है। हम बिना किसी पूर्व पुनर्वास (Alternative Arrangements) के किसी भी हॉकर को हटाए जाने का पुरजोर विरोध करते हैं। हजारों परिवार अपनी दैनिक रोजी-रोटी के लिए इन छोटे फुटपाथ व्यवसायों पर निर्भर हैं। ‘पुनर्वास पहले होना चाहिए, बेदखली बाद में’। अगर बिना सुरक्षा इंतजामों के हमारे लोगों पर अत्याचार किया गया, तो हमारा आंदोलन और उग्र होगा।”बीजेपी सरकार की बुलडोजर नीति पर तीखा हमलागौरतलब है कि पिछले एक महीने से कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों (जैसे जादवपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र) में यातायात को सुगम बनाने और ‘अवैध अतिक्रमण’ को हटाने के लिए पेलोडर्स और बुलडोजर के जरिए अभियान चलाया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे “लोकतंत्र को कुचलने” और “गरीबों के पेट पर लात मारने” की नीति करार दिया है।सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी ट्रैफिक जामममता बनर्जी की इस हाई-प्रोफाइल रैली को देखते हुए मध्य कोलकाता में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। इस विशाल विरोध मार्च के कारण दोपहर के समय एस्प्लेनेड, लेनिन सरणी और मध्य कोलकाता के कई प्रमुख मार्गों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस रैली के साथ ही राज्य में हॉकरों के अधिकारों और अतिक्रमण हटाने को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।

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