आनन्द माधव, सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने दिया त्यागपत्र

2015 से एक सैनिक की तरह तन मन धन से की पार्टी की सेवा

 

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच आनन्द माधव बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और अनुसंधान (रिसर्च) विभाग के चेयरमैन पदों पर काम कर रहे थे उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपना त्यागपत्र दे दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे त्यागपत्र में कहा है कि मेरा निर्णय पार्टी की वर्तमान परिस्थितियों के आलोक में मेरे प्रदर्शन की प्रभाव शीलता के बारे में चिताओं से उत्पन्न हुआ है। दुर्भाग्य से, लगता है कि वफादारी, प्रतिबद्धता, कड़ी मेहनत और सादगी जैसे गुण अब हमारी पार्टी में मूल्यवान नहीं रह गए हैं। मैंने 2015 में कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए एक बड़े मीडिया हाउस के कॉर्पोरेट सोशल रेस्पॉसिबिलिटी डिवीजन के सीईओ और मार्केटिंग के वाइस प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा दिया था, क्योंकि मुझे पार्टी के आदशौं एवं लोकप्रिय नेता राहुल गाँधी जी के दूरदर्शिता से बहुत उम्मीदें थीं। पिछले एक दशक में, मैंने पार्टी की सेवा में अटूट ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम किया है, और मुझे सौंपे गए कार्यों को लगातार पूरा किया है। हालांकि, मेरी रिश्वत में शामिल नहीं होने और कुछ व्यक्तियों के अहंकार को संतुष्ट करने में असमर्थता ने मेरी संभावनाओं को बाधित किया है।अदाणी और अंबानी जैसे कॉर्पोरेट हितों का प्रभाव पार्टी के प्रदर्शन पर प्राथमिकता लेता दिख रहा है, और “मेरा आदमी, तेरा आदमी (माता) का सिद्धांत पार्टी के निर्णयों पर हावी है।मेरा रिकॉर्ड साफ है, शैक्षिक पृष्ठभूमि मजबूत है और मैंने कोविड-19 महामारी के दौरान पार्टी कि ओर से उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। क्षेत्र में भी मेरी पकड़ मजबूत रहा है, क्योंकि जन सेवा को ही मैंने अपना धर्म माना है। इसके बावजूद भी मुझे चार-चार बार विधानसभा में पार्टी के टिकट से वंचित किया गया है। इसलिए पार्टी में अब मैं कोई काम नहीं कर सकता।

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