अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया।
जयंतभाई कथिरिया ने कहा कि एमआरपी को पारदर्शी बनाए जाने के लिए अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी
हरप्रीत भट्टी,
नई दिल्ली। अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी ) व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के देश भर से आए कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया। मंच से ग्राहक पंचायत ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को देश भर के कार्यकर्ताओं को जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाने का आह्वान किया। जंतर मंतर पर आयोजित धरने में देश के विभिन्न राज्यों से आए उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित करीब 1000 लोगों ने भाग लिया।
एमआरपी की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर आयोजित धरने में अपने संबोधन में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायणभाई शाह ने कहा कि एमआरपी व्यवस्था का मूल उद्देश्य उपभोक्ताओं को मनमानी कीमतों से बचाना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में कई ऐसे प्रश्न खड़े हो रहे हैं जिनका समाधान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को यह जानने का अधिकार है कि किसी वस्तु की वास्तविक लागत क्या है और उस पर कितना लाभ जोड़ा गया है। सरकार को इस संबंध में तुरंत कोई व्यवस्था, कानून बनाना चाहिए। उपभोक्ताओं के अधिकारों का यूं ही कब तक हनन होता रहेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव जयंतभाई कथिरिया ने कहा कि एमआरपी को पारदर्शी बनाए जाने के लिए अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी और उन्हें ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान कई मंत्रियों तक मांगे रखी गई। लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। आज यह धरना सरकार को जगाने के लिए किया गया है ताकि नीति निर्धारकों तक ग्राहकों के हितों की बात पहुंचाई जा सके। सरकार को समझना चाहिए कि आज बहुमत की सरकार है लेकिन जनमत की सरकार नहीं है। आखिर कब तक आम जनता बाजार में ठगा महसूस करता रहेगा और उत्पादक और बाजार मनमाने तरीके से एमआरपी की आड़ में ग्राहकों को ठगता रहे। उन्होंने कहा कि इस मंच से देश भर में ग्राहकों को जागरुक करने का आह्वान किया जा रहा है ताकि हर एक नागरिक अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरुक हो। दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष ईश्वर चंद ने कहा कि उपभोक्ता जागरूकता के बिना उनके अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है। इसलिए आज से ही ग्राहक पंचायत के सभी कार्यकर्ता आम नागरिकों को एमआरपी की हकीकत से रूबरू कराएगा और इसे देशव्यापी आंदोलन के रूप में खड़ा करेगा। उन्होंने कहा कि उत्पाद की गुणवत्ता तथा मूल्य निर्धारण संबंधी जानकारी प्राप्त करना हर ग्राहक का अधिकार है। सरकार को अब इस दिशा में कोई ठोस नीति तैयार करनी होगी।
प्रदेश सचिव बंटी चौरासिया ने कहा कि उत्पादन लागत, वितरण लागत एवं लाभांश की जानकारी उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जाने की मांग को लेकर कार्यकर्ता अब घर घर जाकर लोगों को जागरुक करेंगे। खासकर दवाओं के मूल्य में भारी अंतर के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा। एमआरपी व्यवस्था में सुधार के लिए संगठन का अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शी मूल्य निर्धारण व्यवस्था न केवल उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करेगी, बल्कि बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, विश्वास और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देगी।
इस कार्यक्रम में देश भर के पदाधिकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण भाई शाह जी, राष्ट्रीय सचिव जयंत कथिरिया जी,राष्ट्रीय सह-सचिव विवेकानंद जी, राष्ट्रीय पदाधिकारी मुकेश त्यागी जी, शैलेन्द्र दुबे जी, दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष ईश्वर चंद जी, सचिव बंटी चौरासिया,उपाध्यक्ष बृजमोहन गर्ग, निर्मल लवानिया , सह सचिव अनुज चौधरी,मुकेश मिश्रा, प्रबंधन समिति के संयोजक सुनील जैन एवं सदस्य, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री नवीन जैन, प्रांत के पूर्व अध्यक्ष राजबीर सोलंकी, कार्यकारिणी सदस्य बिजेन्द्र शर्मा, मोहनजीत कौर , कपिल मोगा, आशा शुक्ला ,अनिल अग्रवाल ,संगीता शर्मा, मुकेश जैन, धर्मेश गौड़ सहित कई लोग मौजूद रहे।


