भाजपा नेता दिलीप मोहंती पर धोखाधड़ी का आरोप
-मुख्यमंत्री कार्यालय में माना जाता है बड़ा असरदार नेता
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। देश सेवा यानी समाज सेवा व्यापार बन गया है। सरकारी कार्यालय हो या मुख्यमंत्री कार्यालय, हर जगह भ्रष्टाचार ने अपने आगोश में ले रखा है। हर जगह भ्रष्टाचार का बोलवाला है। आडिशा के दैनिक समाचार पत्र सूर्यद्वारा में 6 जून को छपी एक खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय भी अछूता नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के नेता दिलीप मोहंती पर आरोप है कि मोहंती चुनाव में पराजित प्रत्याशी हैं, सरकार में किसी भी पद पर नहीं हैं, बावजूद इसके सरकार, खासकर मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़ा असरदार नेता माना जाता है।
सूर्यद्वारा में छपी एक खबर के मुताबिक, दिलीप मोहंती की मुख्यमंत्री कार्यालय में मजबूत पकड़ की वजह से किसी कर्मचारी का पदभार, स्थानांतरण या मुख्यमंत्री कार्यालय में अन्य कार्य के एवज में बड़ी रकम वसूली करता है। सरकार में बैठे बड़े-बड़े अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल हैं, आरोप से मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी की छवि धूमिल हो रही है। दिलीप मोहंती का असर इतना है कि उनके निवास पर बड़े-बड़े अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है। इसकी राजनीतिक हलकों में खूब चर्चा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट के पूर्व इंजीनियर चन्द्रशेखर पाधी ने दिलीप मोहंती पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बताया है कि दोबारा नौकरी मिलने की उम्मीद में मैंने दिलीप मोहंती को पांच करोड़ रुपए रिश्वत दिया। दोबारा न नौकरी मिली और उसने न रुपए लौटाए। दरअसल, मोहंती ओडिशा भाजपा अध्यक्ष मन मोहन सामल के खासमखास माने जाते हैं। सैंया भइल कोतवाल, डर काहे का।
पूर्व इंजीनियर चन्द्रशेखर पाधी ने आरोप लगाया कि दिलीप मोहंती ब्रोकरेज और असर डालने वाली गतिविधियों के जरिए काफी दौलत जमा कर रखा है। उन्होंने मोहंती पर लगे आरोपों की जांच की मांग मुख्यमंत्री से की है। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े किसी भी प्रकार के माध्यम से उसे वंचित करने की भी अपील की है। उनका कहना है कि दिलीप मोहंती के घर पर विजिलेंस रेड की जाए तो कथित तौर पर बड़ी मात्रा में कैश और सोना बरामद हो सकता है।
