प्रचंड गर्मी से हर साल लाखों की क्षति
-रोज बढ़ रहीं आगजनी की घटनाएं
–नागरिकों को रहना होगा जागरुक
हरप्रीत भट्टी. नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर पृथ्वी दिन प्रतिदिन गर्म होती जा रही है। जलवायु में उतार-चढ़ाव बेतरतीब तरीके से होने लगा है। पिछले वर्ष की अपेक्षा 2026 में कई आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। अप्रैल शुरु होने के साथ ही गर्मी का तापमान बढ़ने लगा था। मई का पहला सप्ताह ही जानलेवा साबित होने लगा था। तीसरे सप्ताह में गर्मी का तापमान 42 से 46 डिग्री हो गया है। दिल्ली सरकार को गर्मी से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी करना पड़ा है। दिल्ली में पड़ रही प्रचंड गर्मी के बीच आगजनी की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है। इजाफा का कारण गर्मी में बिजली की खपत बढ़ जाने को माना जाता है। कहीं एसी, कहीं कबाड़, कहीं बिजली मीटर से तो कहीं शार्ट सर्किट से आग लग रही है। गाड़ी, गोदाम, मकान, दुुकान और कारखाना गर्मी से आग लगने की चपेट में आ रहे हैं। सड़कों पर चलते वाहन में आग लग रही है। जिससे जानमाल की क्षति उठानी पड़ती है।
विगत 19 मई को न्यू अशोक नगर थाना के मालखाना में भीषण आग लग गई। मालखाना में जब्त की गईं 58 कारें, 40 बाइक, 4 ऑटो, 3 टैंपो, 5 ई-रिक्शा, एक तेल टैंकर, 20 पैडल रिक्शा जलकर राख हो गए। आग कैसे लगी इसका तत्काल पता नहीं चल पाया है। हां, न्यू अशोक नगर पुलिस आग लगने के कारण का पता लगाने में जुट गई है। जांच की खानापूर्ति हो जाएगी और फाइल बंद कर दिया जाएगा। समस्या के समाधान की इतिश्री मान ली जाती है। सवाल है कि मालखाना में जब्त किए गए सभी वाहन क्षतिग्रस्त नहीं होते हैं। अधिकांश वाहन ठीक-ठाक होते हैं। बेवजह दिल्ली के सभी थानों के मालखानों में वाहन पार्किंग की जगह घेर रखा है। होना तो यह चाहिए कि जब्त किए गए वाहनों की एक समय सीमा तय हो और तय समय के बाद उसे नीलाम कर दिया जाए। मालखाना में वर्षों बेवजह रख कर सड़ाने से क्या फायदा है। क्यों नहीं नीलाम कर कुछ राजस्व प्राप्त किया जाए और पार्किंग की जगह खाली किया जाए।
सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन प्रशासन के साथ आम नागरिक को भी करना जरुरी है। जानकार का मानना है कि ऐसी घटनाएं लापरवाही से होती है। गर्मी के मौसम में पेड़-पौधे, घास, पत्ते सूख जाते हैं। ऐसे में छोटी सी चिंगारी बड़े हिस्से को जलाकर राख कर देती है। इससे आग भी तेजी से बढ़ती है। अग्निशमन विभाग का मानना है कि पार्कों में और आसपास के जंगलो, कूड़े-कबाड़ पर जली हुई बीड़ी-सिगरेट फेंक देने से ऐसी घटनाएं आम होती हैं। जानकार का कहना है कि गर्मी जानलेवा है, लेकिन एसी अधिक समय तक नहीं चलाना चाहिए। बीच-बीच में एसी को बंद कर देना चाहिए। किचन में रखे सिलेंडर को उपयोग के बाद बंद कर देना चाहिए। किसी भी ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग सावधानी से करना ही हितकर है।


