विधानसभा में सीएम ममता ने लगाए मोदी चोर, अमित शाह चोर भाजपा चोर

बंगाल विधानसभा में बीजेपी-TMC विधायकों में मारपीट, भाजपा व्हिप चीफ घायल

शुभेंदु अधिकारी सस्पेंड बंगाल विधानसभा के अंदर जमकर हंगामा ममता ने कहा भाजपा एंटी बंगाली है

अजित प्रसाद, कोलकाता:
तीन दिवसीय विधानसभा के विशेष सत्र में आज बंगाल विधानसभा में वह हुआ जो लोकतंत्र के मंदिर में ऐसा नहीं हुआ। विधानसभा के अंदर किसी मुद्दे को लेकर बीजेपी और टीएमसी विधायकों को बीच बहस हो गई थी जो मारपीट में बदल गई है। इसके अलावा विधानसभा के सुरक्षा गार्डों और बीजेपी विधायकों के बीच हुई हाथापाई में बीजेपी के मुख्य सचेतक सह सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष घायल हो गए हैं। हंगामे के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने विधानसभा में बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बीजेपी को ‘वोट चोरों की पार्टी’ करार दिया और कहा, ‘बीजेपी देश के लिए एक कलंक है। ये लोग बंगाली भाषा और बंगाल की संस्कृति पर हमला कर रहे हैं। बंगाल के लोगों ने आजादी की लड़ाई में अपना खून बहाया था, तब बीजेपी का जन्म भी नहीं हुआ था।’ वह इतने पर ही नहीं रुकी विधानसभा में खुद मोदी चोर, अमित शाह चोर, सभी भाजपा चोर का जमकर नारा लगवाई। कहा ‘ये लोग बंगालियों के साथ अत्याचार कर रहे हैं’। ममता ने बीजेपी पर बंगाल और बंगालियों के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘ये लोग बंगालियों के साथ अत्याचार कर रहे हैं। संसद में हमने देखा कि कैसे बीजेपी ने हमारे सांसदों को CISF के जरिए परेशान किया। मैं कहती हूं, एक दिन आएगा जब बंगाल की जनता बीजेपी को वोट नहीं देगी और विधानसभा में इनका एक भी विधायक नहीं बचेगा।’
बीजेपी ने भी किया पलटवार बीजेपी विधायकों ने ममता के बयानों का जोरदार विरोध किया, जिसके चलते विधानसभा में माहौल और गर्म हो गया। BJP ने TMC पर अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का आरोप लगाया और कहा कि ममता बनर्जी बंगाल की जनता को गुमराह कर रही हैं। हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। शंकर घोष की तबीयत बिगड़ने की खबर ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। टीएमसी और बीजेपी के बीच यह तकरार आगे और भी बढ़ने के पूरे आसार हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को उस वक्त हंगामा मच गया, जब बीजेपी के मुख्य सचेतक शंकर घोष और अन्य विधायकों की विधानसभा के मार्शलों और सुरक्षा कर्मियों के साथ तीखी झड़प हो गई. इस टकराव में शंकर घोष को चोटें आईं हैं। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने विपक्षी नारेबाजी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाषण में बाधा डालने के लिए बीजेपी व्हिप चीफ को सदन से निलंबित कर दिया था. इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला अल्पसंख्यकों से जुड़े एक बिल पर चर्चा के दौरान शुरू हुआ। हंगामे की वजह से विधानसभा स्पीकर को मार्शल बुलाने पड़े। इस दौरान बीजेपी के चीफ व्हिप शंकर घोष को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। उनके अलावा बीजेपी की एक अन्य विधायक अग्निमित्रा पाल को भी सस्पेंड कर दिया गया। हंगामे के बीच शंकर घोष की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई।बंगाल विधानसभा के अंदर हंगामे की खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि किसी मुद्दे को लेकर बीजेपी और टीएमसी विधायकों को बीच बहस हो गई थी जो मारपीट में बदल गई है। इसके अलावा विधानसभा के सुरक्षा गार्डों और बीजेपी विधायकों के बीच हुई हाथापाई में बीजेपी के मुख्य सचेतक घायल हो गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सबसे पहले विधानसभा में हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने विपक्ष के व्हिप चीफ शंकर घोष को नारेबाजी और मुख्यमंत्री के भाषण में बाधा डालने के कारण निलंबित कर दिया, लेकिन शंकर घोष ने बाहर जाने से इनकार कर दिया। शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना के एक वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर शेयर किया है। बीजेपी विधायक और मार्शलों में हाथापाई: शंकर घोष के बाहर जाने से इनकार करने पर विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों और सुरक्षाकर्मियों को उन्हें सदन से बाहर ले जाने का निर्देश दिया। इस दौरान बीजेपी विधायकों और मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते धक्का-मुक्की हाथापाई में बदल गई. इस झड़प में शंकर घोष के चश्मे टूट गए और उन्हें चोटें आईं। बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि मार्शलों ने उनके विधायकों के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसमें शंकर घोष को गंभीर चोट आई हैं। शुभेंदु ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि ये संसदीय लोकतंत्र पर हमला है। हमारे विधायकों के साथ मार्शलों ने बदसलूकी की और शंकर घोष को चोट पहुंचाई। ये टीएमसी की तानाशाही का सबूत है। उन्होंने निलंबन को अनुचित ठहराते हुए अध्यक्ष के फैसले पर सवाल उठाए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button