दिलीप घोष का विस्फोटक हमला: “दो दिन में उतर जाएगा सत्ता का नशा,

वह साड़ी वाली 'डोनाल्ड ट्रम्प' हैं"

 

कोलकाता: चुनाव परिणामों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है। भाजपा के कद्दावर नेता दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने सत्ता पक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता ने उन्हें नकार दिया है और अब उनके ‘रिटायरमेंट’ का समय आ गया है।

दिलीप घोष के बयानों के मुख्य अंश इस प्रकार हैं:

1. “कालीघाट जाने का समय आ गया है”
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा, “दो दिनों के भीतर उनके सत्ता का नशा उतर जाएगा। जनता ने उन्हें खदेड़ दिया है, अब उन्हें चुपचाप कालीघाट चले जाना चाहिए। उनकी सेवानिवृत्ति (Retirement) की उम्र हो गई है। वह कोर्ट, चुनाव आयोग और जनता—किसी पर विश्वास नहीं करती थीं, और अब वह जनमत (Public Mandate) को भी स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।”

2. “साड़ी वाली डोनाल्ड ट्रम्प”
घोष ने मुख्यमंत्री की तुलना पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति से करते हुए कहा, “वह ‘साड़ी वाली डोनाल्ड ट्रम्प’ हैं। जैसे ट्रम्प ने हारने के बाद कहा था कि मैं नहीं हारा, वैसे ही इनकी स्थिति हो गई है। वह अपनी हार स्वीकार करने की मानसिक स्थिति में नहीं हैं।”

3. हिंसा और ‘जन-आक्रोश’ पर चेतावनी
संदेशखाली के नैजाट और अन्य इलाकों में हुई हिंसा पर बोलते हुए दिलीप घोष ने कहा:

“नैजाट में जो हुआ, वह तृणमूल का आंतरिक झगड़ा है। टीएमसी के लोग अपनों को ही मारकर भाजपा पर दोष मढ़ रहे हैं। हमने 15 साल तक इनका अत्याचार सहा है। अब जनता का गुस्सा (Public Fury) देखिए। कुणाल घोष बात-बात पर इसे ‘जन-आक्रोश’ कहते थे, अगर असली जन-आक्रोश हमने दिखा दिया, तो शरीर पर कपड़ा और खाल तक नहीं बचेगी।”

4. “अभिषेक बनर्जी के डायलॉग का पलटवार”
अभिषेक बनर्जी का नाम लिए बिना उन पर हमला करते हुए घोष ने कहा, “खोकाबु ने डायलॉग दिया था कि 4 तारीख के बाद दिल्ली का बाप भी नहीं बचा पाएगा। मैं पूछता हूँ—अब तुम्हारा बाप कहाँ है? तुम्हें कौन बचाएगा? तुम भाजपा की शराफत के कारण बचे हुए हो, वरना लोग तुम्हें पेड़ों से टांग देते। कार्यकर्ताओं से मेरा कहना है कि चूहों को मत मारो, मारना है तो शेर मारो—दिलीप घोष की तरह।”

5. बंग भवन और वीआईपी सुरक्षा पर प्रहार
दिल्ली के बंग भवन का जिक्र करते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “दिल्ली के बंग भवन में 72 पुलिसकर्मी तैनात थे जो पैसों का लेनदेन करते थे। हमारे लिए वहां कमरे बुकिंग रद्द कर दी जाती थी। अब कालीघाट का रास्ता खुल गया है। राज्य में कहीं भी किसी के घर के सामने बेवजह गार्ड रेल नहीं रहेगी, हम सब हटा देंगे।”

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