जलपाईगुड़ी के डेंगुआझार में रेल यातायात और सुरक्षा पर मंडराया खतरा
रेल की पटरियों पर बंदरों का 'कब्जा'
अजित प्रसाद जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल ) :जलपाईगुड़ी शहर से सटे डेंगुआझार चाय बागान के १० नंबर लाइन क्षेत्र में इन दिनों रेल की पटरियां बंदरों के उत्पात का केंद्र बनी हुई हैं। दिन भर बंदरों का एक विशाल झुंड रेल की पटरियों पर जमा रहता है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।स्थानीय लोगों के अनुसार, अप और डाउन दोनों लाइनों पर लगातार ट्रेनों की आवाजाही होती रहती है, लेकिन इन बंदरों में ट्रेनों का कोई डर नहीं दिख रहा है। ट्रेन आने के वक्त भी ये बंदर पटरी नहीं छोड़ते या आखिरी समय तक वहां उछल-कूद करते रहते हैं।
बंदरों की इस ‘बादरामी’ (शरारत) ने कई पक्षों की नींद उड़ा दी है. ट्रेन ड्राइवरों को अचानक पटरियों पर बंदरों को देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाने या दुर्घटना होने का डर सता रहा है।
यात्रियों को भी किसी अप्रिय घटना की चिंता है। डेंगुआझार चाय बागान अधिकारियों का कहना है कि बंदरों के इस व्यवहार से काम पर भी असर पड़ रहा है। आस-पास रहने वाले लोग बंदरों के इस हिंसक और शरारती व्यवहार से परेशान हैं।रेलवे ट्रैक पर इस तरह वन्यजीवों का डेरा डालना न केवल जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, बल्कि रेल परिचालन में भी बड़ी बाधा बन सकता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि वन विभाग और रेलवे प्रशासन को मिलकर इस समस्या का जल्द समाधान निकालना चाहिए।


