सचिन गैस सर्विस के हर सिलेंडर में चार किलो गैस कम
-उपभोक्ताओं ने बताया अपनी लाचारी और बेबसी
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रसोई गैस के अवैध कारोबार को लेकर एक विशाल जाल बिछ गया है। इस कारोबार में गैस एजेंसी, दलाल, डिलवरीमैन के साथ कंपनी के स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी संलिप्त पाये जाते हैं। मामला उजागर होता है जिसे भ्रष्टाचार से खत्म कर दिया जाता है। उपभोक्ता हर हाल में शोषित होता है। प्रशासन अंधा, बहरा और गंूगा बना हुआ है।
रसोई गैस के अवैध कारोबार की अगली कड़ी में भारत पोस्ट की टीम ने सचिन गैस सर्विस, डिस्टीब्यूटर भारत पैटोलियम, 4/51, ओल्ड डबल स्टोरी, लाजपत नगर-4, दिल्ली का मामला उजागर किया है। टीम ने इस गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं से बात की और सच्चाई जानने की कोशिश की।
रेहाना बेगम नाम की एक उपभोक्ता ने बताया कि मुझे शुरु से मोहन पाल नाम का डिलवरीमैन गैस सिलेंडर की आपूर्ति करता है। गैस सिलेंडर का कभी वजन करता है तो कभी नहीं, लेकिन अक्सर हर सिलेंडर में चार किलोग्राम गैस कम होता है। उन्होंने कहा कि शिकायत करने पर गैस आपूर्ति बंद कर देने की धमकी भी देता है।
एक अन्य उपभोक्ता गुलशेर अहमद ने इस संवाददाता को बताया कि सचिन गैस सर्विस के सभी सिलेंडर में गैस कम होता है। जब डिलवरीमैन से शिकायत करता हूं तो कहता है कि गैस एजेंसी ही कम गैस हमें देता है, हम तो उपभोक्ता के घर तक पहंुचाते हैं। जबकि अवैध कारोबार में पूरे चैनल काम करता है। वहीं गोशिया खान ने गैस कम होने की शिकायत करते हुए बताई कि हर सिलेंडर में तीन-चार किलोग्राम गैस कम होता ही है। उनका कहना था कि उपभोक्ता को गैस की किल्लत का भय दिखाकर बेवकूफ बनाया जाता है। रसोई गैस के अवैध कारोबार में गैस एजेंसी, गैस कटिंग करने वाला दलाल और डिलवरीमैन की तिकड़ी शामिल हैं और उपभोक्ताओं का खुलेआम लूटा जा रहा है।


