गया जी के विष्णुपद मंदिर में आस्था का महासंगम
निर्जला एकादशी पर लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब
भारत पोस्ट संवाददाता
गया जी। निर्जला एकादशी के अवसर पर गुरुवार को गया जी स्थित विष्णुपद मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर और फल्गु नदी तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने भगवान विष्णु के दर्शन.पूजन कर सुखए समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और नगर निगम की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे।
निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर, प्रवेश मार्ग और फल्गु तट पर भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के दर्शन कर पूजा.अर्चना की और पुण्य लाभ अर्जित किया।
विष्णुपद मंदिर के पुजारी प्रणेश लाल गुरथा ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला या भीमसेनी एकादशी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि यह वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु पूरे वर्ष की 24 एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते, वे श्रद्धापूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत कर समान पुण्य फल प्राप्त कर सकते है।
भक्तों ने भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित कर विधिवत पूजा.अर्चना की। इसके साथ ही दान.पुण्य, ब्राह्मण सेवा और जरूरतमंदों को जल पिलाने जैसे धार्मिक कार्य भी किए गए। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख.समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। गया नगर निगम के महापौर गणेश पासवान ने बताया कि निर्जला एकादशी को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पेयजल टैंकर लगाए गए। फल्गु नदी तट पर स्नान, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
मेला क्षेत्र में कई समाजसेवी संगठनों ने निःशुल्क सेवा शिविर लगाए। इन शिविरों में श्रद्धालुओं को भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। गर्मी को देखते हुए जगह.जगह पानी वितरण की व्यवस्था भी की गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। नगर निगम कर्मी, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी करते रहे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।




