उत्तर बंगाल के उत्तरकन्या में मुख्यमंत्री की हाई-लेवल प्रशासनिक बैठक
* विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की हुई समीक्षा

अजित प्रसाद, सिलीगुड़ी, 20 मई: उत्तर बंगाल के प्रशासनिक मुख्यालय ‘उत्तरकन्या’ (Uttarkanya) में आज राज्य की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उत्तर बंगाल के सभी जिलों के जिला शासक (DM), पुलिस अधीक्षक (SP), विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रत्यक्ष व वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।बैठक में उत्तर बंगाल के विकास कार्यों की प्रगति, विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और क्षेत्र की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।प्रशासनिक बैठक के मुख्य एजेंडे:उत्तरकन्या सचिवालय सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आम जनता तक सीधे सरकारी सेवाएं पहुंचाने और बुनियादी ढांचे के विकास पर सबसे अधिक जोर दिया। मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:सरकारी योजनाओं की समीक्षा: ‘लक्ष्मी भंडार’, ‘कृषक बंधु’ और ‘सबुज साथी’ जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तर बंगाल के दूर-दराज के इलाकों और चाय बागान श्रमिकों तक समय पर पहुँच रहा है या नहीं, इसकी गहन समीक्षा की गई।
मानसून पूर्व तैयारियां और आपदा प्रबंधन: उत्तर बंगाल में मानसून के दौरान आने वाली संभावित बाढ़ और भूस्खलन (Landslide) जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सिंचाई व आपदा प्रबंधन विभाग को अभी से सतर्क रहने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।चाय बागानों की समस्याएं: चाय बागान इलाकों में बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, स्वास्थ्य सेवा और सड़कों की स्थिति में सुधार लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।लापरवाही पर सख्त रुख और कड़े निर्देशबैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं में हो रही देरी को लेकर कुछ विभागों के अधिकारियों के प्रति असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि आम जनता के काम में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो परियोजनाएं लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें समय सीमा (Deadline) के भीतर पूरा करने का आदेश दिया गया है।इसके साथ ही, उत्तर बंगाल के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने तथा कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस कप्तानों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर आज पूरे उत्तरकन्या परिसर में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बेहद तेज रही।




