कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन भारत के खाते में अब तक आए 12 पदक
-नीरज समेत कई स्टार खिलाड़ियों से बढ़ेंगी उम्मीदें
विशेष प्रतिनिधि
ग्लासगो। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अब तक भारत के खाते में 12 पदक आ चुके हैं, जिनमें दो स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य शामिल हैं। इन पदकों के दम पर भारत पदक तालिका में नौवें स्थान पर मौजूद है। भारतीय दल इस बार 122 खिलाड़ियों के साथ उतरा है, जो आठ मुख्य खेलों और पांच पैरा स्पर्धाओं में चुनौती पेश कर रहे हैं। सबसे ज्यादा सफलता भारत को भारोत्तोलन में मिली है, जहां सात पदक जीतकर खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा जारी है। उसने 35 स्वर्ण, 18 रजत और 27 कांस्य सहित कुल 80 पदक जीतकर पहला स्थान कायम रखा है। कनाडा दूसरे और इंग्लैंड तीसरे स्थान पर हैं। भारत दो स्वर्ण के साथ नौवें स्थान पर बना हुआ है।
भारत के लिए सबसे सफल खेल भारोत्तोलन रहा है। सात पदक इसी खेल से आए हैं। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतकर लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों का खिताब अपने नाम किया। वहीं हरजिंदर कौर ने महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग और ऋषिकांत सिंह, राजा मुथुपांडी, ज्ञानेश्वरी यादव तथा वल्लुरी अजया बाबू ने रजत पदक जीते। बिंद्यारानी देवी ने कांस्य पदक हासिल किया। एथलेटिक्स में सरवेश कुशारे ने हाई जंप और गुलवीर सिंह ने पुरुष 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। गुलवीर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट भी बने।
पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं की शॉट पुट 57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि शिल्पा के. शायला ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने भारत का पहला पदक दिलाते हुए कांस्य जीता था। इतना ही नहीं, भारतीय मुक्केबाजों ने अब तक कुल चार पदक पक्के कर लिए हैं, जिनमें लवलीना बोरगोहेन, प्रीति पवार, प्रिया घंघास और जादूमणि सिंह शामिल हैं। बुधवार को पांच और मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे और उनसे भी पदक की उम्मीदें की जा रही हैं।
भारत की पदक संख्या अभी और बढ़ सकती है। स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा, लॉन्ग जंपर श्रीशंकर मुरली, शॉट पुटर तजिंदरपाल सिंह तूर, धाविका पारुल चौधरी और स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर जैसे खिलाड़ियों से देश को बड़ी उम्मीदें हैं। नीरज चोपड़ा 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता हैं। चोट के कारण वह 2022 संस्करण में हिस्सा नहीं ले पाए थे, लेकिन इस बार फिर से स्वर्ण जीतकर भारत की पदक तालिका को मजबूत करना चाहेंगे।


