खेसारी लाल पहुंचे भरत तिवारी के घर
-परिवार को 50 हजार की मदद की
-सरकार और सिस्टम पर साधा निशाना
भारत पोस्ट संवाददाता
भोजपुर। भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला में अब भोजपुरी स्टार खेसारी लाला की भी एंट्री हो गई है। सोमवार की दोपहर को खेसारी लाल उनके घर पहुंचे. यहां परिवार से मिला कर घटना पर दुख जताया है। खेसारी लाला ने भरत तिवारी की मां आशा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों को ढांढस बंधाया और न्याय की इस लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। खेसारी लाल यादव ने परिजनों से बातचीत के दौरान कहा कि न्याय की मांग पूरी मजबूती से उठनी चाहिए। लेकिन आंदोलन का उद्देश्य केवल सच को सामने लाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा, आंदोलन जरूर जारी रखिए, लेकिन इसे सिर्फ भीड़ जुटाने का केंद्र न बनाएं. न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए। बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए, और इसके लिए संयम बेहद जरूरी है।’
खेसारी लाल यादव ने इस दौरान सरकार और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अपराध को खत्म करने के बजाय कई बार केवल उसका दमन किया जाता है। अगर समाज से अपराध खत्म करना है, तो युवाओं को शिक्षा और सही दिशा देनी होगी। अगर बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी, तो वे गलत रास्ते पर जा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई युवा समाज के लिए आवाज उठा रहा है, तो सरकार को उसकी बात सुननी चाहिए। भरत तिवारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने परिवार से बढ़कर समाज को प्राथमिकता दी और विस्थापितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
भावुक होते हुए खेसारी ने कहा, श्एक मां को उसका बेटा कोई वापस नहीं लौटा सकता।’ उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि भरत तिवारी की मांगों को पूरा कर दें, तो वही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस दौरान खेसारी लाल यादव ने पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की, जिससे मौके पर मौजूद लोग भावुक हो गए। खेसारी और गुंजन सिंह के गांव पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक वहां जुट गए। उन्होंने परिजनों की बातों को गंभीरता से सुना और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया।
गौरतलब है कि 17 जून को बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। जहां एक ओर परिजन इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं, वहीं पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई थी। फिलहाल, इस मामले में लगातार बढ़ते जनसमर्थन और अब भोजपुरी कलाकारों की एंट्री के बाद यह मुद्दा और भी ज्यादा राजनीतिक और सामाजिक रूप से गर्मा गया है।



