भीषण गर्मी में सावधानी बरतने की जरूरत:डॉ.रस्तोगी

डॉ.समरेंद्र पाठक
वरिष्ठ पत्रकार

नई दिल्ली,14 जून 2026 (एजेंसी)।जाने माने वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ.गिरिजेश रस्तोगी ने कहा है,कि भीषण गर्मी में बीपी,शुगर, थायराइड, डायबिटीज एवं अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को खासतौर से सावधानी बरतने की जरूरत है।

वसुंधरा अस्पताल के सीएमडी डॉ.रस्तोगी ने यह बात यहां एक इंटरव्यू के दौरान कही। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याएं हर गर्मी के मौसम में आती है।इसलिये खासतौर से गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

डॉ.रस्तोगी ने कहा कि इस बार भीषण गर्मी पड़ने के आसार है।वर्षा भी कम होने की उम्मीद है।ऐसी स्थिति में हिट स्टॉक,उल्टी दस्त,पीलिया एवं गर्मी जनित अन्य समस्याएं बढ़ जाती है। डेंगू के भी रोगी आने लगे हैं।हो सकता है,अगले एक दो महीने में गर्मी जनित बीमारियां और बढ़ जाय।

उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए सबसे जरूरी यह है, कि जितना संभव हो सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से नहीं निकलें।पर्याप्त मात्रा में पानी लें।जरूरी हो तो नींबू ,नमक एवं पानी लें।ताकि शरीर के अंदर गर्मी को झेलने की क्षमता बनी रहे।

मेडिसिन के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ.रस्तोगी ने कहा कि गर्मी के मौसम में भोजन संतुलित होना चाहिए। वासी भोजन के सेवन से फूड पॉइजनिंग की समस्या बढ़ जाती है।भीषण गर्मी में फ्रिज में रखा खाद्यान्न सामग्री भी दो से तीन घंटे में खराब हो जाता है।

एक सवाल के जबाव में डॉ.रस्तोगी ने कहा कि यह सही नहीं है,कि भीषण गर्मी से शहरी लोग ज्यादे प्रभावित होते हैं,बल्कि वास्तविकता यह है, कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान,मजदूर एवं छोटे छोटे औद्योगिक इकाईयों में काम करने वाले ज्यादे प्रभावित होते है,किंतु ऐसे मामले सामने नहीं आते।मीडिया भी उसपर ध्यान नहीं दे पाती है।

एक अन्य सवाल के जबाव में उहोंने कहा कि गर्मी के चढ़ते ही अचानक मौत का सिलसिला शुरू होने का सबसे बड़ा कारण अचानक मौसम में बदलाव होता है।अगर रातभर एसी या कूलर की ठड हवाओं में हैं और अचानक धूप में निकलते हैं,तो असर पड़ना लाजिमी है। इसलिए अपने शरीर को धीरे धीरे मौसम के अनुकूल बनाएं।एल.एस.

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