दिव्यांग महिला को विदेशी होने का नोटिस; घर में बुजुर्ग मां और शारीरिक अक्षमता के बीच ‘प्रताड़ना’ का आरोप

 

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मालदा : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से एक मानवीय और संवेदनशील मामला सामने आया है। इंग्लिश बाजार नगरपालिका के 28 नंबर वार्ड स्थित चर्च पल्ली इलाके की रहने वाली एक 45 वर्षीय दिव्यांग महिला, पूर्णिमा विश्वास, ने प्रशासन पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। शारीरिक रूप से अक्षम पूर्णिमा, जो चलने-फिरने के लिए दिव्यांग गाड़ी (व्हीलचेयर/ट्रायसाइकिल) का सहारा लेती हैं, उन्हें नागरिकता संबंधी नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पूर्णिमा के पति अशोक गुप्ता की मृत्यु 10 वर्ष पहले हो चुकी है। वर्तमान में वह अपनी वृद्ध मां, अंजला विश्वास के साथ रहती हैं। घर की आर्थिक और शारीरिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। पूर्णिमा का कहना है कि उनकी मां का नाम 2002 की मतदाता सूची में दर्ज था। इसके बावजूद उन्हें नोटिस दिया गया है, जिससे परिवार गहरे मानसिक दबाव में है।

दिव्यांग गाड़ी पर बैठकर अपनी व्यथा सुनाते हुए पूर्णिमा ने कहा कि एक तरफ वह शारीरिक रूप से अक्षम हैं और घर में बुजुर्ग मां की जिम्मेदारी उन पर है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन उन्हें नोटिस भेजकर दफ्तरों के चक्कर कटवा रहा है।

“मुझे इस तरह नोटिस देकर बुलाया जाना और पूछताछ करना सीधे तौर पर मानसिक उत्पीड़न है। जब हमारे पास पुराने दस्तावेज मौजूद हैं और मेरी मां का नाम सालों से रिकॉर्ड में है, तो हमें इस तरह परेशान क्यों किया जा रहा है?” — पूर्णिमा विश्वास, शिकायतकर्ता

इस घटना के बाद इलाके के लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मानवीय आधार पर ऐसे मामलों की जांच घर जाकर या सरल तरीके से की जानी चाहिए, ताकि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को सड़कों पर भटकना न पड़े। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस विशिष्ट मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया

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