दिल्ली का 100 फुटा रोड बना मुसीबत हर दिन घंटों जाम से हजारों लोग परेशान

-10 किलोमीटर की दूरी तय करने में लग रहा एक घंटा

भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के डेरा गांव से छतरपुर मेट्रो स्टेशन तक जाने वाला 100 फुटा रोड अब सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि रोज हजारों लोगों की परीक्षा बन गया है। करीब 10 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों की रफ्तार थम जाती है।
पांच प्रमुख स्थान ऐसे हैं, जहां रोज जाम लगता है और कई बार यह जाम 300 मीटर से लेकर एक किलोमीटर तक पहुंच जाता है। अतिक्रमण, सड़क किनारे ई रिक्शा और ऑटो की अवैध पार्किंग तथा रेहड़ी खोमचे वालों का कब्जा इस पूरे मार्ग की सबसे बड़ी समस्या है। हालात ऐसे हैं कि सामान्य दिनों में 20 से 25 मिनट में पूरा होने वाला सफर अब एक घंटे मिनट से लेकर डेढ़ घंटे में पूरा हो रहा है। स्थानीय निवासी ऋषिपाल महाशय ने बताया कि जाम के कारण लोग बहुत परेशान है। महज कुछ ही दूरी का सफर घंटों में पूरा हो रहा है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को इस समस्या पर कार्रवाई करनी चाहिए।
सुबह करीब नौ बजे से लेकर दोपहर तक और फिर शाम पांच बजे के बाद इस मार्ग पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ जाता है। डेरा अंडरपास से आगे बढ़ते ही कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आते हैं। अर्जन गढ़, राजपुर चौक, फतेहपुर बेरी, सतबड़ी, राधेपुर, राजपुर खुर्द एक्सटेंशन और डॉ. आंबेडकर कॉलोनी जैसे इलाकों में गाड़ियों की लंबी कतारें आम दृश्य हैं। सबसे ज्यादा परेशानी असोला फतेहपुर बेरी, राजपुर खुर्द गांव, बसरपुर गांव, बलवंत क्षेत्र और डॉ. आंबेडकर कॉलोनी से छतरपुर मेट्रो स्टेशन तक देखने को मिलती है। इनमें भी डॉ. आंबेडकर कॉलोनी से मेट्रो स्टेशन तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम रोज की तस्वीर बन चुका है।
स्थानीय निवासी ऋषिपाल ने बताया कि पहले घर से निकलने के आधे घंटे बाद मेट्रो स्टेशन पहुंच जाते थे। अब एक घंटा पहले निकलना पड़ता है। फिर भी समय पर पहुंचने की कोई गारंटी नहीं रहती। राजपुर खुर्द की छात्रा नैना ने बताया कि कॉलेज जाने का यही मुख्य रास्ता है। कई बार जाम के कारण पहली क्लास छूट जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी परीक्षा वाले दिनों में होती है। वहीं, सतबड़ी के दुकानदार कमल ने बताया कि जाम की वजह से ग्राहक भी परेशान रहते हैं। कई लोग दुकान तक पहुंचने से पहले ही वापस लौट जाते हैं। इससे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। उनके अनुसार, अगर किसी मरीज को अस्पताल ले जाना हो तो सबसे ज्यादा डर इसी सड़क का लगता है। एंबुलेंस भी कई बार जाम में फंस जाती है।

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