आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की घटना में अब ममता बनर्जी की भूमिका की होगी जांच – शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता | आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ा और विस्फोटक बयान दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।
शुभेंदु अधिकारी के कड़े तेवर
आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस जघन्य घटना के बाद जिस तरह से सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई और आनन-फानन में अस्पताल में निर्माण कार्य शुरू किया गया, वह बिना किसी “बड़े निर्देश” के संभव नहीं था।
अधिकारी ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु उठाए:
प्रशासनिक जिम्मेदारी: स्वास्थ्य और गृह मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकतीं।
सबूतों को मिटाने का प्रयास: उन्होंने सवाल किया कि घटना के तुरंत बाद अस्पताल के उस हिस्से में तोड़फोड़ क्यों की गई, जहां सबूत होने की संभावना थी?
कॉल रिकॉर्ड की जांच: शुभेंदु ने मांग की कि उस दौरान हुए सभी प्रशासनिक आदेशों और फोन कॉल्स की गहनता से जांच की जानी चाहिए।
“सब कुछ खंगाला जाएगा”
शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “कानून से ऊपर कोई नहीं है। आरजी कर की घटना में जो भी प्रभावशाली लोग शामिल हैं और जिन्होंने सच्चाई को दबाने की कोशिश की है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। हम एक-एक पहलू को खंगालेंगे।” उन्होंने संकेत दिया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकती हैं।
तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया
शुभेंदु अधिकारी के इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सत्ताधारी दल का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष केवल राजनीति कर रहे हैं और केंद्रीय जांच एजेंसियों का नाम लेकर राज्य सरकार को डराने की कोशिश कर रहे हैं। तृणमूल ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है।
वर्तमान स्थिति
आरजी कर का मामला फिलहाल केंद्रीय जांच एजेंसियों की निगरानी में है। शुभेंदु अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री को सीधे जांच के दायरे में लाने की मांग के बाद बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों में टकराव और बढ़ने के आसार हैं।


