पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन चाय बागानों में वामपंथ के देबराज बर्मन ने धुआंधार चुनाव प्रचार किया।
जलपाईगुड़ी : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के आखिरी दिन उत्तर बंगाल के चाय बेल्ट (Tea Belt) पर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में जलपाईगुड़ी शहर से सटे करला वैली चाय बागान में वामपंथी दलों के उम्मीदवार देबराज बर्मन ने धुआंधार चुनाव प्रचार किया।चाय श्रमिकों के बीच ‘प्रचार का शोर’उत्तर बंगाल की राजनीति में चाय बागान के श्रमिक एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए देबराज बर्मन ने आज सुबह से ही करला वैली चाय बागान के श्रमिकों के साथ संवाद किया। उन्होंने घर-घर जाकर और बागान के गलियारों में घूमकर वामपंथी नीतियों का प्रचार किया। अंतिम दिन सभी उम्मीदवारों का ध्यान चाय बागानों के वोट बैंक को साधने पर रहा। प्रचार के दौरान देबराज बर्मन ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी, स्वास्थ्य सुविधाओं और आवास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके साथ भारी संख्या में वामपंथी कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक मौजूद रहे, जो नारों और झंडों के साथ बागान में माहौल बनाते दिखे।जलपाईगुड़ी जिले के इस चाय बेल्ट में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना जताई जा रही है। देबराज बर्मन की सक्रियता ने इलाके में चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। प्रचार थमने से कुछ घंटे पहले उन्होंने दावा किया कि चाय बागान के श्रमिक इस बार बदलाव के लिए मतदान करेंगे।



