20 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के राणाघाट आयेंगे पीएम मोदी

बंगाल में एसआईआर के बबाल के बीच प्रधानमंत्री का दौरा

 

अजित प्रसाद, विशेष संवाददाता/ सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी महीनों पहले तैयारी में लग चुकी है। प्रदेश में संगठन और बूथ लेवल पर मजबूती के लिए जोर-शोर से काम चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर राज्य के दौरे पर आने वाले हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री 20 दिसंबर को नादिया जिले के राणाघाट में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा इस बार भी चुनाव प्रचार की शुरुआत मतुआ बहुल क्षेत्र से करने जा रही है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी खुद 10 से ज्यादा चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। कुछ समय पहले ही अलीपुरद्वार, दमदम और दुर्गापुर में पहले ही पीएम मोदी की सभाएं हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब राणाघाट से पीएम बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी का बिगुल फूंकेंगे।
मतुआ बहुल क्षेत्र में रैली के सियासी मायने: बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री की यह रैली ताहेरपुर इलाके में आयोजित होगी। यहां मतुआ समुदाय और शरणार्थी आबादी की संख्या काफी अधिक है। रैली स्थल को लेकर प्रशासनिक और संगठनात्मक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। भाजपा के राज्य महासचिव जगन्नाथ चटर्जी ने कार्यक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री 20 दिसंबर को बंगाल पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान प्रधानमंत्री कई केंद्र सरकार की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी कर सकते हैं।
– चटर्जी ने यह भी दावा किया कि बिहार में मिली हालिया बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री को पूरा भरोसा है कि बंगाल में भी राजनीतिक बदलाव की बयार बहेगी। रणनीति का हिस्सा है राणाघाट से चुनाव प्रचार: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राणाघाट से चुनाव प्रचार की शुरुआत महज संयोग नहीं है। नादिया जिले का राणाघाट और उत्तर 24 परगना का ठाकुरनगर लंबे समय से मतुआ समुदाय के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। भाजपा इस वर्ग के मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से रणनीतिक रूप से इन इलाकों को प्राथमिकता दे रही है। मतुआ समुदाय में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (SIR) को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं। कई लोगों को डर है कि दस्तावेजों की कमी के कारण उनके नाम वोटर लिस्ट से हट सकते हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल के भाजपा सांसदों को निर्देश दिया था कि पूरे राज्य मे एसआईआर प्रक्रिया को लेकर जागरुकता फैलाने का काम करें। खास तौर पर मतुआ समुदाय के लोगों में इसे लेकर किसी तरह का भय न हो, इसका विश्वास दिलाने का निर्देश पीएम ने दिया है।

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