लाखों को रोजगार देने वाले सहारा श्री की चौराहे पर लगाई जाए प्रतिमा : राकेश मणि
सुनील बाजपेई
कानपुर। जिन्होंने बहुत परिश्रम के साथ व्यावसायिक और औद्योगिक प्रगति के जरिए लाखों लोगों को रोजगार दिया। जिन्होंने देश का भी नाम रोशन किया। सहारा ग्रुप के प्रमुख रहे उन सहारा श्री सुब्रत राय सहारा की प्रतिमा अवश्य ही लगाई जानी चाहिए।
यह मांग करते हुए यहां हिंद मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव वरिष्ठ श्रमिक नेता राकेश मणि पांडेय ने कहा कि सुब्रत रॉय जैसे साधारण व्यक्ति ने अपनी कठिन परिस्थितियों को पार करते हुए देश और विदेश में अपना स्थान ही नहीं बनाया बल्कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 50 लाख से अधिक लोगो को रोजगार प्रदान किया।
चर्चित मजदूर नेता राकेश मणि पांडेय ने बताया कि सहारा परिवार ने एक साथ एक दिन में एक लाख सहारा क्यू शॉप सेन्टर स्थापित करके कीर्तिमान स्थापित किया था ,जिसमे कई लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ गए थे। उसे भी सरकार की बदनियती ने बंद करा दिया और लोग सड़क पर आ गए। सहारा परिवार ने हजारों लोगो को दुकाने बना कर आवंटित किया था जिससे लोग रोजगार में लगे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आये दिन उनके ऑफिस और कार्यालयों को सील करके कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के तमाम हित लाभों को स्थगित और समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रही है।
देश और समाज के हित में उपलब्धियां को सम्मानित करने के लिए सहारा श्री सुब्रत रॉय की प्रतिमा लखनऊ में कपूरथला चौराहे पर लगाए जाने की जोरदार मांग करते हुए वरिष्ठ समय नेता राकेश मणि पांडे ने कहा कि कपूरथला चौराहे पर सहाराश्री की प्रतिमा का लगाया जाना आज के परिप्रेक्ष्य में अति आवश्यक है। क्योंकि ऐसा करने से देश और समाज के हित में लोगों को प्रेरणा भी मिलेगी।
राकेश मणि पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की अदुरदर्शिता के फलस्वरूप आज लाखों लोग बेरोजगार हैं। उन्होंने बताया कि उनकी ग्रेच्युटी, किये गए कार्य का वेतन, बोनस, भविष्य निधि अंशदान आदि का भुगतान सरकार द्वारा ईडी के जरिए करवाई गई अनुचित कार्रवाई की वजह से ही प्रभावित हुआ।
श्रमिक नेता राकेश मणि पांडे ने बातचीत में आरोप लगाया कि सरकार ने न्यायालय और ईडी की मदद से करोंडों रुपये की वसूली और उगाही सहारा इण्डिया से कर चुकी है, जबकि उसको लेने वाला कोई सामने नहीं आ रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि दूसरी तरफ ईडी और सरकार की कार्यवाही के चलते सहारा अपने सभी उद्योग धंधे और संस्थाओं को बंद करती जा रही है।
श्रमिक नेता राकेश मणि पांडेय ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सहारा इण्डिया ने भारत की गरिमा को बनाने के लिए इंग्लैंड में भारतीय के नाम से होटल खरीदा और उसका संचालन भी किया। मुम्बई में अंग्रेज़ों द्वारा आधिपत्य होटल को अपने कब्जे में लिया।
उन्होंने बताया कि इस संस्था का उद्देश्य 26 जनवरी और 15 अगस्त को राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाने का कार्य किया जाता रहा है।
अनेक सफल आंदोलन के अगुआ कर रहे राकेश मणि पांडेय ने दावा किया कि सहारा इण्डिया परिवार ने लखनऊ और दूसरे क्षेत्रों में तमाम सामाजिक कार्यो के साथ-साथ शमशान घाट स्थल को एक स्मरणीय स्मारक स्थल के रूप में स्थापित किया है। साथ ही कई चौराहों को स्थापित और उनका बेहतर सुन्दरीकरण भी किया है।
राकेश कुमार पांडे ने कहा कि इसीलिए तमाम अच्छे कार्यो के साथ-साथ 50 लाख लोगों को नौकरी और अन्य सामाजिक कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए नगर निगम द्वारा सुब्रत रॉय की प्रतिमा कपूरथला चौराहे पर अवश्य ही लगायी जानी चाहिए।
श्रमिक नेता राकेश मणि पांडेय ने कहा कि जब बिना कोई सामाजिक कार्य किये लोगों को ठगने और लूटने वाले तमाम निठल्ले नेताओं, धनपशुओं, अपराधियों की मूर्तियां विभिन्न स्थानों पर लगायी गयी हैं, तो फिर इसके विपरीत अभी तक लाखों लोगों को रोजगार देने वाले सहारा श्री की प्रतिमा नहीं लगाया जाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जबकि सहारा इण्डिया परिवार केवल सरकार के कोपभाजन का शिकार हुआ है।
सहारा परिवार से वसूले गए करोड़ों रुपये को कर्मचारियों को किये गए कार्य का वेतन, ग्रेच्युटी, बोनस, भविष्य निधि अंशदान का भुगतान, राज्य कर्मचारी बीमा अंशदान का भुगतान किए जाने की भी मांग करते हुए हिंद मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव मजदूर नेता राकेश पांडे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार लाखों कर्मचारियों को बेरोजगार करके किंचित रूप से कुछ लोगों को खुश करने का प्रयास कर रही है ,जो दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को न्याय व्यवस्था के तहत वास्तविक न्याय देना चाहिए।




