साधक के चेतना की आकाशीय स्थिति की उपलब्धि का नाम है मोक्ष दायिनी काशी

(अंतरराष्ट्रीय रामायण कॉन्फ्रेंस, बनारस में इंजी.संतोष कुमार मिश्र 'असाधु' का सम्मान)

 

जबलपुर – विगत दिवस अंतर्राष्ट्रीय रामायण शोध संस्थान अयोध्या ,शोध संस्थान वृंदावन एवं तारक सेवा मंडल बनारस के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘ भारत की अस्मिता: श्रीराम कथा ‘ विषय पर एक वृहद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया जिसमें देश-विदेश से पधारे विद्वतजनों ने शिरकत की। इस कार्यक्रम में रामायण केंद्र जबलपुर इकाई के संयोजक एवं धर्म,आध्यात्म व दर्शन के क्षेत्र में देश-विदेश में तेजी से उभरते , प्रसिद्ध धार्मिक चिंतक इंजी. संतोष कुमार मिश्र ‘असाधु ‘ जोकि वर्तमान में मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड जबलपुर में सुपरिटेंडिंग इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं,के द्वारा श्रीरामचरित मानस में तापस प्रसंग विषय पर एक बेहद महत्वपूर्ण शोधपत्र प्रस्तुत किया गया । अपने वक्तव्य के दौरान श्री मिश्र जी द्वारा रामायण के सम्बन्ध में विभिन्न भ्रामक दुष्प्रचारो का खंडन करते हुए मोक्ष दायिनी काशी का संबंध किसी साधक के चेतना की आकाशीय स्थिति की उपलब्धि से प्रतिपादित किया गया। श्री मिश्र जी द्वारा किसी साधक के समाधि की गहराई में उसके चेतना के उत्थान की आकाशीय अवस्था में परा वाणी से उद्घाटित हुए प्रणव अर्थात ‘ राम नामक’ शब्द को ही इस भवसागर का तारक मंत्र उदघोषित किया जिसकी वहां काफी सराहना की गई । जन जागृति की दिशा में इस तरह के अभिनव कार्य करते हुए श्री मिश्र जी ने संस्कारधानी जबलपुर का नाम अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर पुनः गौरवान्वित किया है। कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने बधाई दी और जारी विज्ञप्ति में बताया कि संतोष कुमार मिश्र ‘ असाधु’ अपनी भाषा व संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सतत प्रेरणादायक कार्य कर रहे हैं।

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