हाईकोर्ट का सुझाव: वांगचुक को मेदांता अस्पताल में करे शिफ्ट
-पत्नी ने की थी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सुझाव दिया है कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को फिलहाल सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाए। सोनम वांगचुक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। कोर्ट ने यह सुझाव दिया है कि सोनम वांगचुक का इलाज बेहतर और शांत माहौल में हो सके तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति की स्वतंत्र रूप से निगरानी की जा सके। कोर्ट ने इस संबंध में सभी पक्षों की राय भी मांगी है। सोनम वांगचुक की पत्नी ने कोर्ट से यह मांग की थी कि उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करने की इजाजत दी जाए क्योंकि उनका विश्वास सफदरजंग अस्पताल से उठ गया है।
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि का यह आरोप था कि जंतर.मंतर से बिना उन्हें सूचित किए सोनम वांगचुक को जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बाद वहां अत्यधिक पुलिस बल की तैनाती की गई थी। गीतांजलि का कहना था कि उनकी रिपोर्ट्स उन्हें नहीं दी जा रही है और उन्हें रिपोर्ट्स पर भरोसा नहीं है।
गीतांजलि यह भी कह रही थीं कि उन्हें अस्पताल के रवैये और इलाज पर भरोसा नहीं है। अगर सरकार यह चाहती है कि सोनम वांगचुक का अच्छे से इलाज हो और उन्हें उनके सेहत की चिंता है तो अस्पताल चुनने का अधिकार उन्हें दिया जाना चाहिए। हालांकि रविवार को हाईकोर्ट ने गीतांजलि अंगमो की मांग को ठुकरा दिया था।



