समर्पित कांग्रेसियों की बढ़ती लोकप्रियता से घबराहट में हैं बिहार प्रदेश के राष्ट्रीय कांग्रेस प्रभारी एवं अध्यक्ष।

 

अजित प्रसाद / पटना : जिला कांग्रेस के अधिकारी कोई बँधुआ मजदूर नहीं हैं।
हमारी सफलता से घबराकर प्रदेश कांग्रेस द्वारा नया कार्यालय आदेश जारी किया गया है।
आज 12 फ़रवरी से पुनः 18 जिलों में पुनः जनसंपर्क अभियान में समर्पित कांग्रेसियों की टीम निकल रही है।

समर्पित कांग्रेसजनों की एक समीक्षा बैठक आज स्थानीय राधा कृष्ण मैरेज हाल, पश्चमी बोरिंग केनाल रोड, पटना में कांग्रेस नेता नागेंद्र पासवान विकल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक में पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने बताया कि 17 मार्च को प्रस्तावित महासम्मेलन को सफल बनाने हेतु किया गया सात जिलों की उनकी जनसंपर्क यात्रा बहुत ही उत्साहजनक रहा। हर जिले में जिला कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी शामिल हुए। कई अधिकारी शामिल नहीं हुए लेकिन परोक्ष रूप से व्यवस्था में शामिल रहे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आनन्द माधव ने कहा कि शायद जिलों में हमारी सफलता से घबराकर प्रदेश कांग्रेस द्वारा यह कार्यालय आदेश जारी किया गया है कि जिले के कोई पदाधिकारी समर्पित कांग्रेसियों को सहयोग ना करें। पर वे भूल रहे हैं कि जिला कांग्रेस के अधिकारी कोई बँधुआ मजदूर नहीं हैं। श्री माधव ने कहा कि इन गीदड़ भभकी से हमलोग ड़रनेवाले नहीं है। आनन्द माधव ने यह भी सवाल उठाया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य कैसे गैरकांग्रेसी हो सकते हैं । यह प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्ष के बौखलाहट को दर्शाता है।
आज 12 फ़रवरी से पुनः 18 जिलों के पूर्व विधायक छत्रपति यादव एवं नागेंद्र पासवान विकल के नेतृत्व में पुनः जनसंपर्क अभियान में समर्पित कांग्रेसियों की टीम निकल रही है। ये जिले हैं-नालंदा, शेखपुरा, लक्खीसराय, जमुई,बॉंका, भागलपुर, कटिहार, पुर्णियां, किसनगंज, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, मधुबनी,दरभंगा, खग्डिया, बेगूसराय एवं समस्तीपुर।
है। पटना का महासम्मेलन के सफलता की पूरी गारंटी है जिसमें हर जिले के पदाधिकारी एवं कांग्रेसी जुटेंगें।उन्होंने कहा कि पहले टिकट बंटवारे में लूट हुआ था अब संगठन सृजन के नाम पर लूट मचानें में लगे हैं बिहार के वर्तमान अधिकारीगण।उन्होंने कहा कि आलाकमान को यह समझना होगा कि विश्वसनीयता खो देनें वाली टीम के नेतृत्व में किया गया कोई भी कार्य सफल नहीं हो सकता है।उन्होंने फिर दुहराया कि जिन लोगों ने टिकट बेचा है आज वही अध्यक्ष पद बेचेंगे। इसलिये बिना विलंब के कृष्णा अल्लावरू एवं राजेश राम तथा उनकी टीम को हटाना होगा। यही नहीं सिंडिकेट पर भी कड़ी नजर रखनी होगी।
अध्यक्षीय भाषण में नागेंद्र पासवान विकल नें कहा कि प्रदेश अध्यक्ष दलित कार्ड खेल रहे। दलित के नाम पर रो रहे पर एक मंत्री पुत्र , पेट्रोल पंप, होटल तथा अन्य कई व्यापार के मालिक को कोई हक नहीं है कि वह दलित होने का रोना रोये।
वरीय नेत्री उर्मिला सिन्हा नीलू ने कहा कि हमलोगों को ना पद की चिंता है और ना चुनाव की बस चिंता है तो कांग्रेस को बचानें की। इसके लिये जो भी करना पड़ेगा करेंगे।
इस अवसर पर वरीय नेता राजकुमार राजन, वसी अख़्तर, प्रद्युम्न यादव आदि अपनें विचार प्रकट किये।नेताओं ने बैठक में आरोप लगाया कि बिहार में कांग्रेस आज सबसे निचले पायदान पर है, फिर भी इसके जिम्मेदार लोग प्रमुख पदों पर काबिज हैं। सदाकत आश्रम जमानत जब्त नेताओं का अड्डा बना हुआ है। कोई भी सच्चा कांग्रेसी आज सदाक़त जानें में परहेज कर रहा है।

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