मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में तृणमूल कांग्रेस का धरना पांचवें दिन भी जारी
अजित प्रसाद,कोलकाता :केंद्र सरकार की कथित वंचना और चुनाव आयोग की ‘SIR’ (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के तहत लाखों मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में तृणमूल कांग्रेस का धरना आज पांचवें दिन भी जारी रहा। रेड रोड पर अंबेडकर प्रतिमा के नीचे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। आज धरने का नजारा बेहद भावुक और राजनीतिक रूप से आक्रामक था। मुख्यमंत्री ने कई ऐसे आम लोगों को मंच पर खड़ा किया, जिन्हें आधिकारिक दस्तावेजों में ‘मृत’ दिखाकर वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। उन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे जीवित हैं, फिर भी उनका लोकतांत्रिक अधिकार छीना गया है। धरना मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:”बंगाल के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने की साजिश रची जा रही है। लगभग 63 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जिसे हम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। चुनाव आयोग को निष्पक्ष होना चाहिए। जब तक हर योग्य मतदाता का नाम वापस नहीं जुड़ता, यह लड़ाई खत्म नहीं होगी।” धरने के पांचवें दिन ममता बनर्जी के साथ अभिषेक बनर्जी, फिरहाद हकीम और पार्टी के अन्य शीर्ष नेता मौजूद रहे। तृणमूल का आरोप है कि ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के नाम पर जानबूझकर बंगाल के मतदाताओं, विशेषकर अल्पसंख्यक और मतुआ समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। आज ही चुनाव आयोग की फुल बेंच कोलकाता में है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ‘हिंसा मुक्त’ चुनाव के आश्वासन पर तृणमूल नेतृत्व ने पलटवार करते हुए कहा कि जब तक वोटर लिस्ट ही सही नहीं होगी, तब तक निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है।यह धरना प्रदर्शन गत 6 मार्च से शुरू हुआ था। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का यह मुद्दा राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बन गया है।




