11 मौतों के बाद भी संजीव गोयंका की गिरफ्तारी क्यों नहीं? — अर्जुन सिंह का बड़ा सवाल

अजित प्रसाद /कोलकाता :कोलकाता में हाल ही में बारिश के दौरान करंट लगने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने CESC प्रमुख संजीव गोयंका को लेकर बड़ा सवाल उठाया है।
अर्जुन सिंह ने कहा —
“जब जितेंद्र तिवारी के वस्त्र वितरण कार्यक्रम में भगदड़ मचने से 3 लोगों की मौत हुई थी, तब उन्हें गिरफ्तार किया गया था। फिर CESC की लापरवाही से 11 लोगों की मौत होने पर संजीव गोयंका के खिलाफ अब तक कोई FIR क्यों नहीं दर्ज हुई? उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?”
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और संजीव गोयंका के बीच व्यावसायिक संबंध हैं। अर्जुन सिंह ने कहा:
“नोटबंदी के समय ममता बनर्जी के 1600 करोड़ रुपये बदले गए थे, इसमें भी गोयंका समूह की भूमिका थी। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। यह दोहरा मापदंड है।”
हालाँकि जब उनसे भाजपा नेता दिलीप घोष के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने चुप्पी साध ली और कहा:
“जो तथ्य दिलीप घोष ने दिए हैं, उनका जवाब पार्टी देगी। मैं दिलीप घोष की तरह जवाब नहीं दे सकता।”
इस घटना को लेकर जनता के बीच आक्रोश फैल रहा है। विपक्ष सवाल कर रहा है कि जब आम नागरिकों या विपक्षी नेताओं पर इतनी जल्दी कार्रवाई हो सकती है, तो प्रभावशाली उद्योगपतियों पर चुप्पी क्यों?
फिलहाल CESC और प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।



