दार्जिलिंग से लौटते समय सांसद राजू विष्ट के काफिले पर हमला, बाल बाल बचे
कहा, इस प्रकार के हमले से हम डरने वाले नहीं, हिल्स की समस्या का होगा समाधान
अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी: दार्जिलिंग से सांसद राजू विष्ट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर बताया कि उन हमला हुआ है।हालांकि इस हमले में बीजेपी संसद बाल-बाल बच गये है।उन्होंने कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं, जिसमें टूटी हुई गाड़ी को देखा जा सकता है। सांसद राजू विष्ट ने बताया कि सुखिया पोखरी के पास, मसधुरा में आज मेरे काफिले पर अज्ञात बदमाशों ने हमला किया। हालाँकि उन कायरों ने मुझ पर हमला किया था, लेकिन हमले का ज़ोर मेरे ठीक पीछे वाली गाड़ी पर पड़ा। हमारे क्षेत्र के लिए एक वार्ताकार की घोषणा के बाद हुए इस हमले का समय बेहद संदिग्ध है और हमारे क्षेत्र में शांति भंग करने की साज़िश की ओर इशारा करता है।
अगर कोलकाता के वफ़ादार लोग सोचते हैं कि हम ऐसे हमलों से घबरा जाएँगे, तो वे ग़लत हैं। हम डरे हुए नहीं हैं, और ऐसे कायराना हमले हमारे हौसले और बुलंद करते हैं।मैं उन लोगों को चेतावनी दे रहा हूँ जिन्होंने आज शांति भंग करने की कोशिश की है, हम उनके नापाक प्रयासों को कामयाब नहीं होने देंगे। हम अपने क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए काम करेंगे, और दुनिया की कोई भी ताकत इसे होने से नहीं रोक सकती।
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “मैंने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग हिल्स, तराई और डुआर्स क्षेत्रों में गोरखाओं से संबंधित मुद्दों के लिए भारत सरकार की ओर से एकतरफा रूप से वार्ताकार की नियुक्ति पर आश्चर्य व्यक्त किया है. पश्चिम बंगाल सरकार का पक्ष है कि गोरखा समुदाय या जीटीए क्षेत्र से संबंधित कोई भी पहल राज्य सरकार के पूर्ण परामर्श से ही की जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र में कड़ी मेहनत से अर्जित शांति और सौहार्द बनाए रखा जा सके.”इस संवेदनशील मामले में कोई भी एकतरफा कार्रवाई क्षेत्र में शांति और सद्भाव के हित में नहीं होगी. बिना राज्य को शामिल किए किसी मध्यस्थ की नियुक्ति करना संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है”



