श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर में गोपाष्टमी पर्व श्रद्घा और घूमधाम के साथ मनाया गया
भारत पोस्ट
नई दिल्ली। आसफ अली रोड स्थित श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर में आज गोपाष्टमी पर्व श्रद्धा और घूमधाम से मनाया गया। मंदिर के महंत श्रीरामगोपालदास महात्यागी महाराज की अगुवाई में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गौमाता की पूजा अर्चना की। मंदिर में पूर्व पार्षद अशोक जैन के अलावा समाजसेवी मनोजश्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर में गोपाष्टमी पर्व श्रद्घा और घूमधाम के साथ मनाया गया
मंदिर के महंत श्रीरामगोपालदास महात्यागी महाराज की अगुवाई में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गौमाता की पूजा अर्चना की। मंदिर में आचार्य प्रमोद, दिल्ली नगर निगम में पूर्व नेता विपक्ष राकेश कुमार, दिल्ली गेट की पार्षद किरन बाला,अलावा समाजसेवी मनोज गुप्ता, आदि ने भी गौमाता की पूजा की। यहां सुबह ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और शाम तक जारी रहा। उन्होंने शाम को विशेष पूजा अर्चना के बीच महाआरती की।
इस मौके पर श्रद्धालुओं ने गाय माता और बछड़े का पूजन कर अपने परिवारों की सुख समृद्घि की कामना की और राष्ट के सर्वांगीण विकास और कल्याण के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। इस मौके पर महंत श्रीरामगोपाल दास महात्यागी महाराज ने गौभक्तों से आह्वान किया कि नित्य गौ सेवा करनी चाहिए और अपने भोजन की पहली रोटी सदैव गाय माता को अर्पण करने का संकल्प ले। इस कार्य से परिवार में सात्विकता व समृद्घि बढ़ती है और समाज व राष्ट्र भी लाभांवित होता है। उन्होंने बताया कि भारत में गोपाष्टमी मनाने की परंपरा भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल से प्रारंभ होकर अब तक निरंतर चली आ रही है। इस दिन से भगवान श्रीकृष्ण ने गाय चराने की शुरूआत की थी। गुप्ता, पवन खंडेलवाल आदि ने भी गौमाता की पूजा की। यहां सुबह ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और शाम तक जारी रहा। उन्होंने शाम को विशेष पूजा अर्चना के बीच महाआरती की।
इस मौके पर श्रद्धालुओं ने गाय माता और बछड़े का पूजन कर अपने परिवारों की सुख समृद्घि की कामना की और राष्ट के सर्वांगीण विकास और कल्याण के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। इस मौके पर महंत श्रीरामगोपाल दास महात्यागी महाराज ने गौभक्तों से आह्वान किया कि नित्य गौ सेवा करनी चाहिए और अपने भोजन की पहली रोटी सदैव गाय माता को अर्पण करने का संकल्प ले। इस कार्य से परिवार में सात्विकता व समृद्घि बढ़ती है और समाज व राष्ट्र भी लाभांवित होता है। उन्होंने बताया कि भारत में गोपाष्टमी मनाने की परंपरा भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल से प्रारंभ होकर अब तक निरंतर चली आ रही है। इस दिन से भगवान श्रीकृष्ण ने गाय चराने की शुरूआत की थी।



