24 नवंबर को कोटपुतली जिला के दवा प्रतिनिधियों का जिला कलेक्टर के समक्ष धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन का कार्यक्रम आयोजित किया गया
कोटपुतली , 24 नवंबर को कोटपुतली जिला के दवा प्रतिनिधियों का जिला कलेक्टर के समक्ष धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन का कार्यक्रम आयोजित किया गया
दवा प्रतिनिधियों के राष्ट्रीय संगठन फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटीव्ज़ एसोसियशन ऑफ इंडिया के आहवाँन पर 4 श्रम संहिताओं को केंद्र सरकार द्वारा लागू किये जाने के विरोध में दिनांक 24 नवंबर को जिला कलेक्टर के समक्ष प्रातः 11 बजे से विशाल धरना एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया ।
उक्त जानकारी देते हुए राजस्थान मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्ज़ यूनियन कोटपुतली के जिला सचिव कॉमरेड घनश्याम सैनी ने बताया कि लंबे समय से दवा उद्योग मे दवा प्रतिनिधियों के लिये समान एवं वैधानिक सेवा शर्तें लागू करने की मांग केंद्र सरकार के समक्ष लंबित है जिस पर कोई प्रभावी एवं सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई जिसका दुष्प्रभाव दवा प्रयिनिधियों पर पड़ रहा है । इन्होंने केंद्र सरकार से मांग दोहराइ है कि अविलंब त्रिपक्षीय समिति की मीटिंग बुलाकर दवा प्रतिनिधियों के लिये समान एवं वैधानिक सेवा शर्ते लागू की जाये ।
राजस्थान राज्य मे केंद्र सरकार द्वारा लागू 4 श्रम संहिताओं के कानून लागू नही किये जाने , सेल्स प्रोमोशन एक्ट 1976 को और अधिक प्रभावी बनाने , सरकारी अस्पतालों व संस्थाओं में दवा प्रतिनिधियों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटाने व ओढ्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 2 ( s ) मे संशोधन कर सेल्स प्रोमोशन एंप्लॉयीज को कामगार ( Workman ) का दर्जा दिये जाने की मांगे प्रमुख रूप से उठाई गईं ।
धरने के दौरान 4 श्रम संहिताओं की प्रतियों को जलाया गया।
अंत में प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया! कार्यक्रम में 300 से अधिक साथी उपस्थित हुए! प्रधानमंत्री के नाम मेल द्वारा भी ज्ञापन भेजा गया ! 24 से 26 नवंबर तक सभी दवा प्रतिनिधियों ने काली पट्टी पहन कर काम करना भी तय किया! आगामी समय में इस आंदोलन को तेज करने की चेतावनी भी संगठन की ओर से दी गयी!
कामरेड घनश्याम सैनी जिला सचिव कोटपुतली इकाई

