छात्रों द्वारा आत्महत्या का पर्याय बना आईआईटी कानपुर, 22 माह में 7 ने दी जान : जांच शुरु
राजस्थान निवासी छात्र जयसिंह मीणा आत्महत्या मामले की जांच में जुटी पुलिस
सुनील बाजपेई
कानपुर। देश के प्रतिष्ठित उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थानों में शुमार यहां का आईआईटी छात्रों द्वारा किसी वजह से आत्महत्या किए जाने का पर्याय बन चुका है।
आईआईटी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यहां बीते 22 महीनों में संस्थान में सात छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। यहां आत्महत्या की सातवीं घटना का संबंध राजस्थान के रहने वाले छात्र जयसिंह मीणा से है। उसने कल 29 दिसंबर को सुसाइड कर लिया था। उसका शव हॉस्टल के कमरे में लटका हुआ मिला था।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा छात्र का शव कब्जे में ले लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सूचना के बाद राजस्थान से छात्र के परिजन भी कानपुर पहुंचे। 2 ब्लॉक E रूम नंबर 148 में रहने वाला जय सिंह मीणा पुत्र गौरीशंकर मीणा निवासी अवधपुरी चाणक्य विद्या मंदिर सेकेंडरी स्कूल अजमेर राजस्थान का है। जो यहां बायोलॉजिकल साइंस बीटेक चौथे साल का आईआईटी का छात्र था।
पटना के बारे में पुलिस उसके साथियों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक छात्र ने पहले नसें काटी और फिर अपने गले में फंदा डालकर झूल गया।
फिलहाल बीटेक के छात्र की आत्महत्या के मामले में अभी कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस द्वारा छानबीन की जा रही है। पुलिस द्वारा आत्महत्या की असल वजह का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है। बीते 22 महीनों में संस्थान में सात छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। छात्र जयसिंह मीणा द्वारा भी फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना ने आईआईटी में हड़कंप भी मचा रखा है। वहीं छात्र जय सिंह मीणा द्वारा आईआईटी में आत्महत्या किए जाने वास्तविक वजह समाचार लिखे जाने तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।




