जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र का हिस्सा अगले 10 वर्षों में दोगुना होकर 10% होगा: अपर सचिव, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार
*जयपुर, 28 अप्रैल, 2026:* इंफ्रास्ट्रक्चर की जबरदस्त ग्रोथ, लगातार बढ़ते एविएशन और रेल नेटवर्क, और बढ़ती मांग के दम पर सरकार को भरोसा है कि आने वाले सालों में पर्यटन क्षेत्र (टूरिज्म सेक्टर) का जीडीपी में योगदान मौजूदा 5.22% से बढ़कर 10% हो जाएगा। यह बात *भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव और महानिदेशक (एडिशनल सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल) श्री सुमन बिल्ला* ने *’द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार’ (GITB) के 15वें संस्करण* के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से होते विकास को रेखांकित करते हुए श्री सुमन बिल्ला ने कहा, “कुछ महीने पहले माननीय प्रधानमंत्री ने भारत के पर्यटन के लिए अपना लक्ष्य स्पष्ट तौर पर रखा था – इस सेक्टर का जीडीपी में योगदान अगले 10 सालों के अंदर 5.22% से दोगुना होकर 10% तक पहुंचना चाहिए। हमारे लिए यही टार्गेट है, यही हमारा लक्ष्य है, और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाना होगा, ताकि हम इस लक्ष्य को हासिल कर सकें।”
अपर सचिव ने कहा, “2014 से अब तक देश में एयरपोर्टों की संख्या दोगुनी होकर 75 से 150 हो गई है। हमारा रेल नेटवर्क भी बहुत तेजी से बढ़ा है। वंदे भारत जैसी ट्रेनें तेज, सुविधाजनक, सुरक्षित और सुविधाजनक हैं, और ये पर्यटन को बढ़ावा देने में बहुत अहम भूमिका निभाती हैं। हमारा सड़क नेटवर्क भी कई गुना बढ़ गया है, हमारी एयरक्राफ्ट क्षमता तेजी से बढ़ रही है जो 2030 तक एयरक्राफ्ट्स की मौजूदा संख्या लगभग 800 से बढ़कर करीब 1600 तक पहुंचने की उम्मीद है। ये सभी कारक पर्यटन को बढ़ावा देने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं।”
पिछले कुछ सालों में पर्यटन क्षेत्र की प्रगति पर रोशनी डालते हुए पर्यटन मंत्रालय के महानिदेशक श्री सुमन बिल्ला ने कहा, “हमारा घरेलू बाजार तेजी से बढ़ रहा है। 2011 में 1.5 अरब घरेलू पर्यटकों के मुकाबले 2025 तक यह संख्या 4 अरब का आंकड़ा पार कर चुकी है, जो एक दशक में लगभग तीन गुना बढ़ोतरी है। वहीं विदेशी पर्यटकों को देखें तो 2014 में हमारे यहां लगभग 1 करोड़ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक आए थे, जो आज बढ़कर 2 करोड़ हो गए हैं। पर्यटन से हम जो विदेशी मुद्रा कमाते हैं, वह आज 32 अरब डॉलर है। इससे साफ पता चलता है कि भारत अच्छा कर रहा है। लेकिन, भारत जैसे देश में पर्यटन की जो अपार संभावनाएं हैं, फिर वो चाहे यहां की अद्भुत सांस्कृतिक गहराई हो, विविधता हो और या फिर देश का विशाल विस्तार, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि हम अभी भी अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए जीडीपी में 10% योगदान का लक्ष्य रखना तार्किक है।”
श्री बिल्ला ने विभिन्न हितधारकों से यह भी आग्रह किया कि वे होटलों की क्षमता को दोगुना करें और बड़े पैमाने पर बेहतरीन स्टैंडर्ड वाले पर्यटन स्थलों का निर्माण करें, ताकि हम दुनिया के बेहतरीन पर्यटन स्थलों के साथ मुकाबला कर सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा करने से देश अपने घरेलू पर्यटकों को भी यहीं रोक पाएगा, और साथ ही दुनिया भर से आने वाले, ज्यादा खर्च करने वाले तथा जागरूक पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर पाएगा।

