“पश्चिम बंगाल में आज से भगवा युग की शुरुआत ” शुभेंदु अधिकारी राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
- कोलकोता का ब्रिगेड मैदान बना ऐतिहासिक, हर तरफ बंगाल की संस्कृति
अजित प्रसाद / कोलकोता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ा सियासी इतिहास रच दिया है। शुभेंदु अधिकारी राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बन गए हैं।राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। पश्चिम बंगाल में बीजेपी की वरिष्ठ महिला नेता अग्निमित्रा पॉल को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वह बंगाल बीजेपी की उपाध्यक्ष हैं।
पंद्रह वर्षों से चला आ रहा तृणमूल कांग्रेस का शासन आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है और भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की सत्ता की कमान पहली बार अपने हाथों में ले ली है।इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए न केवल बंगाल बल्कि पूरे देश की नजरें कोलकाता के इस मशहूर मैदान पर टिकी हुई थीं। देश के कई दिग्गज नेताओं और बिजनेसमेन के साथ-साथ आम जनता इस पल का गवाह बनी।सुवेंदु अधिकारी शनिवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद सुवेंदु, पीएम के पास गए और उन्हें झुककर प्रणाम किया। सुवेंदु अधिकारी शनिवार को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद शुभेंदु , पीएम के पास गए और उन्हें झुककर प्रणाम किया। बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने सुवेंदु के अलावा 5 और विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टूडू और निषिथ प्रमाणिक शामिल रहे।
शपथ में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, एनडीए और बीजेपी शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री मौजूद रहे। कार्यक्रम में सबसे पहले मोदी ने मंच पर रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर श्रद्धाजंलि दी। इस दौरान पीएम ने भाजपा के 98 साल के कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान किया। मंच पर आते ही प्रधानमंत्री सीधे सरकार के पास गए, उन्हें शॉल ओढ़ाया और फिर उनके पैर छुए।
दिलीप घोष: खड़गपुर सदर सीट से दूसरी बार विधायक बने हैं। मेदिनीपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। वे BJP के महासचिव और प्रदेशाध्यक्ष भी रहे। उन्होंने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। अग्निमित्रा पॉल: अग्निमित्रा पॉल पश्चिम बंगाल की असनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे 2021 में पहली बार इस सीट से विधायक चुनी गई थीं। 2026 में दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने 2022 का आसनसोल लोकसभा उपचुनाव और 2024 का मेदिनीपुर लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन दोनों चुनाव हार गईं।
अशोक कीर्तनिया: 52 साल के अशोक बनगांव उत्तर सीट से विधायक हैं। मतुआ समुदाय से आते हैं। राजनीतिज्ञ और व्यवसायी हैं। खुदीराम टूडू: खुदीराम रानीबांध (ST) विधानसभा सीट से BJP विधायक हैं। वे पेशे से शिक्षक रहे हैं। 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने TMC उम्मीदवार तनुश्री हांसदा को हराकर जीत दर्ज की। खुदीराम टुडू ग्रेजुएट हैं और लंबे समय से आदिवासी इलाकों में संगठन के साथ सक्रिय रहे हैं। निशीथ प्रमाणिक: निषिथ मथाभांगा विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे 2026 में पहली बार विधायक बने हैं। इससे पहले 2019 में कूचबिहार लोकसभा सीट से सांसद रहे। केंद्र में गृह राज्य मंत्री व युवा मामलों और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री रह चुके हैं। हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
छात्र राजनीति से सीएम तक पहुंचे शुभेंदु , बचपन से ही अध्यात्म में रुचि: 1970 में पूर्व मेदिनीपुर के कोंतली गांव में जन्मे सुवेंदु का बचपन से ही आस्था की ओर झुकाव है। हर शनिवार रामकृष्ण मिशन जाना उनका तय रूटीन था। वे बचपन में इतने धार्मिक थे कि घरवालों को डर लगने लगा था कहीं बेटा संन्यासी न बन जाए।घर में जमा सिक्के भी चुपचाप मिशन में दान कर आते थे। परिवार को लगता था, कभी भी घर छोड़ सकते हैं। लेकिन सुवेंदु ने दूसरा फैसला लिया… संन्यास नहीं, राजनीति करेंगे और शादी भी नहीं करेंगे।80 के दशक के अंत में कांथी के प्रभात कुमार कॉलेज से सुवेंदु की छात्र राजनीति शुरू हुई। धीरे-धीरे पूर्व मेदिनीपुर में अपनी अलग पहचान बना ली।ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उमड़ा समर्थकों का जनसैलाब: भाजपा ने इस विशेष समारोह के लिए बहुत ही पुख्ता तैयारियां की थीं। समर्थकों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मैदान में पचास हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई थीं ताकि दूर-दराज के इलाकों से आने वाले लोग इस ऐतिहासिक पल को अपनी आंखों से करीब से देख सकें। वहां मौजूद लोगों का उत्साह यह बता रहा था कि वे इस बड़े राजनीतिक बदलाव का इंतजार पिछले कई दशकों से कर रहे थे। समर्थकों का मानना है कि यह केवल एक सामान्य शपथ ग्रहण समारोह नहीं है बल्कि यह उस पंद्रह साल पुराने तृणमूल कांग्रेस के किले के पूरी तरह ढहने की एक औपचारिक शुरूआत है। सुबह से ही समर्थकों का हुजूम जोश के साथ मैदान की ओर बढ़ता हुआ नजर आया।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के साथ मौजूद रहे कई दिग्गज: इस हाई प्रोफाइल कार्यक्रम को और भी ज्यादा यादगार बनाने के लिए मेहमानों की एक बहुत बड़ी और प्रभावशाली लिस्ट तैयार की गई थी। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई दिग्गज नेताओं की उपस्थिति ने भाजपा की इस जीत की अहमियत को और भी ज्यादा बढ़ा दिया। पीएम के साथ ही देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण के प्रमुख साक्षी बने।भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पेट्रोलियम मंत्री सुरेश गोपी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी विशेष रूप से इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे।
15 साल पुराने अभेद्य किले को सुवेंदु ने ऐसे किया ध्वस्त
सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री के तौर पर चुना जाना बंगाल की राजनीति में एक बहुत बड़ा और निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। बंगाल के भाजपा समर्थकों की बात करें तो पहली बार राज्य में सरकार की बागडोर एक ऐसे नेता के हाथ में आई है जिसने जमीनी स्तर पर अपनी शक्ति को कई बार साबित किया है।
जब सुवेंदु अधिकारी ने पद और गोपनीयता की शपथ ली तो पूरा परेड ग्राउंड नारों और तालियों की आवाज से गूंज उठा। भाजपा ने इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए करीब एक हजार वीवीआईपी कार्ड और नौ हजार इनविटेशन कार्ड गणमान्य व्यक्तियों को भेजे थे।




