इफको-टोकिओ जीआईसी ने गुजरात और महाराष्ट्र में बाढ़ प्रभावित लोगों क्लेम पास करने में लाई तेजी; 100 से ज्यादा क्लेम किए पास
कंपनी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए तुरंत सेटलमेंट प्रक्रिया लागू की, टीमें ग्राहकों को बिना किसी देरी के सुनिश्चित कर रहीं राहत
. Mr. Tatsuya Fujimoto
दिल्ली/गुरुग्राम, अगस्त, 2026: भारत की जानी-मानी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में शुमार इफको-टोकिओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (इफको-टोकियो जीआईसी) ने हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित ग्राहकों को तुरंत राहत देने की अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। कंपनी पहले ही मोटर और नॉन-मोटर बीमा पॉलिसी समेत 100 से ज्यादा क्लेम सेटल कर चुकी है।
कंपनी ने बाढ़ प्रभावित ग्राहकों के लिए एक तुरंत क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया लागू किया है, जिसमें खास तौर पर गठित टीमें बिना किसी देरी के बीमाधारकों को राहत दिलाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
मुश्किल की इस घड़ी में इफको-टोकिओ जीआईसी बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। इसकी डेडिकेटेड टीमें सर्वे, आंकलन और क्लेम सेटलमेंट में तेजी लाने में सक्रीय तौर पर लगी हुई हैं, ताकि प्रभावित बीमाधारकों को जल्द से जल्द वित्तीय मदद मिल सके।
इस संबंध में इफको-टोकिओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर (ऑपरेशन्स) श्री तत्सुया फुजिमोतो ने कहा, “इफको-टोकियो जीआईसी में हम गुजरात और महाराष्ट्र में हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों और बिजनेस की मुश्किलों को बखूबी समझते हैं। हम ‘जरूरत के समय अपने ग्राहकों और समाज के लिए मौजूद रहना’ के अपने ध्येय को हमेशा ध्यान में रखकर काम करते हैं। इसीलिए, हमारी टीमें यह पक्का कर रही हैं कि असल क्लेम का आंकलन और सेटलमेंट जल्द से जल्द हो। हम इस मुश्किल समय में अपने ग्राहकों को तुरंत मदद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
क्लेम से जुड़ी मदद के लिए ग्राहक अपने सबसे पास वाले इफको-टोकिओ (IFFCO-TOKIO) ऑफिस या कंपनी के ग्राहक सहायता चैनल 1800-103-5499 पर संपर्क करें।
ग्राहकों के लिए आवश्यक सावधानियां
बाढ़ के दौरान और उसके बाद लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नुकसान के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें। उन्हें बाढ़ वाले इलाकों में जाने या पानी भरी सड़कों से गाड़ी चलाने एवं खुले बिजली के तारों से दूर रहना चाहिए, और अगर आपको सुरक्षा की दृष्टि से सही लगे, तो मेन पावर सप्लाई बंद कर देनी चाहिए। जहां तक हो सके अपनी गाड़ियों, घरों, बिजनेस या दूसरे बीमित एसेट्स को हुए नुकसान की ग्राहक फोटो या वीडियो ले लें, इससे पहले कि वे डैमेज्ड चीजों की रिपेयर या डिस्पोजल करें। उन्हें नुकसान से जुड़े जरूरी दस्तावेज, बिल और दूसरे सबूत भी संभाल कर रखने चाहिए और घटना के बारे में तुरंत अपनी बीमा कंपनी को सूचित करना चाहिए। इमरजेंसी में सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए, और लोगों को स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना चाहिए।




